काशीपुर: नदियों के पुनर्जीवन के लिए बेहिसाब दोहन को रोकना है जरूरी, विशेषज्ञों ने दिए सुझाव

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

काशीपुर, अमृत विचार। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से काशीपुर नगर निगम सभागार में “विश्व नदी दिवस” के अवसर पर जन जागरूकता सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया जिसमें सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो नैनीताल …

काशीपुर, अमृत विचार। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से काशीपुर नगर निगम सभागार में “विश्व नदी दिवस” के अवसर पर जन जागरूकता सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया गया जिसमें सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय लोक संपर्क ब्यूरो नैनीताल के विभागीय कलाकार विभाग से सूचीबद्ध कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति दी। नैनीताल से आई गिटारिस्ट लावण्या बिष्ट ने ने भी परफॉर्मेंस दिया।

मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव एसपी सुबुद्धि ने कहा कि नदियों के पुनर्जीवन के लिए रिचार्ज से ज्यादा महत्वपूर्ण नदियों के बेहिसाब दोहन को रोकना है और उसमें सीवर्स जैसे गंदगी को जाने से रोकना अधिक महत्वपूर्ण कार्य है।


मेयर उषा चौधरी ने कहा कि हमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक रवैया अपनाने की आवश्यकता है और इससे संबंधित कानूनों का भी पालन नागरिक स्वेच्छा से करें तो बेहतर होगा।

विशिष्ट अतिथि भारतीय प्रबंधन संस्थान काशीपुर के निदेशक प्रोफेसर कुलभूषण बलूनी ने कहा कि पिछले 30 वर्षों में देश में बहुत अधिक विकास हुआ है जिससे यह आशा बनती है कि हम नदियों के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी आगे अच्छा काम कर पाएंगे लेकिन इसके लिए जनभागीदारी की अधिक आवश्यकता है।

काशीपुर डेवलपमेंट फोरम के अध्यक्ष राजीव घाई ने फोरम के प्रयासों की बारे में जानकारी दी। इस मौके पर पंकज भल्ला, रुण भक्को, पवन अग्रवाल, डॉ. योगराज सिंह, आयुषी नागर ने भी विचार प्रकट किए।

संबंधित समाचार