हल्द्वानी: जल संकट के सवाल पर तिलमिलाए ईई, बोले- फोन पर लंबी बात नहीं करता, दफ्तर में आकर करो फरियाद
हल्द्वानी, अमृत विचार। शहर में पेयजल संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं जिम्मेदार अधिकारी हमेशा की तरह पेयजल व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा कर रहे हैं। जमीनी हकीकत यह है कि अधिकारियों को इस बात की परवाह ही नहीं कि किस क्षेत्र में पानी की समस्या है। यही नहीं जब जल …
हल्द्वानी, अमृत विचार। शहर में पेयजल संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं जिम्मेदार अधिकारी हमेशा की तरह पेयजल व्यवस्था दुरुस्त होने का दावा कर रहे हैं। जमीनी हकीकत यह है कि अधिकारियों को इस बात की परवाह ही नहीं कि किस क्षेत्र में पानी की समस्या है। यही नहीं जब जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को फोन किया जाए तो वह यह कहकर फोन काट देते हैं कि उन्हें फोन में लंबी बात करना पसंद नहीं, उनसे बात करनी है तो दफ्तर में आना होगा। यहीं नहीं कई बार तो साहब का फोन भी नहीं उठता है। ऐसे में समझा जा सकता है कि पेयजल की समस्या क्यों नासूर बनती जा रही है।

पिछले कुछ दिनों से चंबल पुल की मुख्य पेयजल लाइन टूटने से बिठौरिया समेत आसपास के क्षेत्र में पानी का संकट बना हुआ है। स्थानीय लोगों की ओर से शिकायत करने पर विभाग की ओर से जैसे तैसे पाइप लाइन की मरम्मत का काम तो किया गया, लेकिन अधिकतर परिवारों तक बुधवार दोपहर तक पानी नहीं पहुंचा। इससे लोगों में गुस्सा है।
तिलकनगर फेज वन कॉलोनी के कमल जोशी ने बताया कि पानी के प्रेशर में कमी की वजह से कॉलोनी के शुरूआती घरों तक ही पानी सिमट जाता है। टेल एंड के घरों तक पानी पहुंचता ही नहीं। हैरानी की बात यह है कि विभागीय अधिकारियों ने कभी स्थलीय निरीक्षण कर परेशानी समझने की जरूरत ही नहीं समझी।

बीते दिन तिलक नगर फेस वन कॉलोनी के लोगों ने मेयर से मामले में शिकायत कर नई पेयजल लाइन स्वीकृत करने की मांग की थी। जिस पर मेयर ने अधिशासी अभियंता संजय श्रीवास्तव को फोन कर कॉलोनी के लिए नई पेयजल लाइन का इस्टीमेट बनाने को कहा।
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वहीं क्षेत्र के लोगों का कहना है किजब अधिकारी क्षेत्र का निरीक्षण ही नहीं करेंगे तो उन्हें जनता की परेशानी का पता कैसे चलेगा। जेई पंकज उपाध्याय का कहना है कि चंबल पुल के नीचे से गुजरने वाली पेयजल लाइन रकसिया नाले के बहाव से अक्सर टूट जाती है। जिसे अस्थायी तौर पर जोड़ा गया है। पानी का दबाव कम होने और एयर लॉक की वजह से टेल एंड के घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता है।

फोन पर लंबी बात नहीं करता, दफ्तर आओ
पेयजल संकट के मामले में जब अमृत विचार डिजिटल टीम की ओर से ईई संजय श्रीवास्तव को फोन किया गया तो उन्होंने कहा कि वह फोन पर लंबी बात नहीं करते, बात करनी है तो दफ्तर में आकर मिलें, उनके सामने 20 लोग और फरियाद लेकर बैठे हैं। यह कहकर उन्होंने फोन काट दिया। ऐसे में समझा जा सकता है कि अधिशासी अभियंता को त्वरित समाधान करने के बजाय दफ्तर में भीड़ लगवाना पसंद है। वहीं, क्षेत्र के लोगों का भी कहना है कि जब भी ईई को फोन किया जाता है वह यह कहकर फोन काट देते हैं कि एप्लीकेशन लेकर दफ्तर में आना पड़ेगा। यहीं नहीं कई बार तो वह फोन भी नहीं उठाते हैं। ईई के इस व्यवहार से लोगों में नाराजगी है।
