भारतीय राजदूत ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी यात्रा काफी सफल रही

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वाशिंगटन। अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा काफी सफल रही। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ पहली द्विपक्षीय बैठक की और पहली बार आमने-सामने की बैठक में समान विचारधारा वाले क्वाड नेताओं के साथ स्पष्ट तथा संतोषजनक बातचीत की। संधू ने बुधवार …

वाशिंगटन। अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा काफी सफल रही। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ पहली द्विपक्षीय बैठक की और पहली बार आमने-सामने की बैठक में समान विचारधारा वाले क्वाड नेताओं के साथ स्पष्ट तथा संतोषजनक बातचीत की। संधू ने बुधवार को भारतीय प्रवासी समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अभी यहां एक बहुत सफल यात्रा हुई।

कोविड-19 वैश्विक महामारी के बाद भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रतिष्ठित सदस्य पहली बार वाशिंगटन में जुटे। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान उनकी राष्ट्रपति बाइडन के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने 2014 और 2016 में मुलाकात की थी, जब बाइडन देश के उपराष्ट्रपति थे। संधू ने कहा कि तो यह पहली बार नहीं था जब दोनों नेताओं ने मुलाकात की लेकिन द्विपक्षीय बैठक बहुत अच्छी रही।

पराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ भी बातचीत काफी अच्छी रही। उन्होंने कहा कि बाइडन द्वारा व्हाइट हाउस में आयोजित क्वाड शिखर सम्मेलन भी काफी अच्छा रहा। इस बैठक में मोदी के साथ जापान और ऑस्ट्रेलिया के उनके समकक्ष भी शामिल हुए। भारतीय राजदूत ने कहा कि चारों नेताओं के बीच स्पष्ट और संतोषजनक बातचीत हुई। यहां तक कि टीकों के मामलों में सभी चारों देश अपनी-अपनी ताकत का इस्तेमाल कर रहे हैं और हम 2022 में एक अरब टीकों का उत्पादन करने की राह पर हैं, जिसे हिंद-प्रशांत खासतौर से दक्षिणपूर्व एशिया में वितरित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि क्वाड समान विचारधारा वाले देशों का समूह है जो एक साथ आ रहे हैं क्योंकि आज की चुनौतियां अंतरराष्ट्रीय स्तर की है। उदाहरण के लिए कोविड। संधू ने कहा कि किफायती स्वास्थ्य देखभाल सुविधा के मामले में भारत एक महत्वपूर्ण साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय रूप से एक-दूसरे तथा तीसरे देशों की मदद करने में हमारे लिए असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत के टीकों का निर्यात बहाल करने पर अमेरिका और अन्य समान विचारधारा वाले देशों के साथ करीबी समन्वय होगा।

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