गरमपानी: जंगली जानवर चकनाचूर कर रहे किसानों के सपने
गरमपानी, अमृत विचार। हाड़तोड़ मेहनत के बाद उपज बर्बाद होने से अब किसानों का खेती से मोहभंग होने लगा है। मौसम के लगातार बदलते मिजाज से हो रहे नुकसान के बाद अब जंगली जानवर किसानों के लिए आफत बन चुके हैं। खेतों में खड़ी धान की फसल को जंगली जानवर रौद रहे हैं। जिससे काश्तकार …
गरमपानी, अमृत विचार। हाड़तोड़ मेहनत के बाद उपज बर्बाद होने से अब किसानों का खेती से मोहभंग होने लगा है। मौसम के लगातार बदलते मिजाज से हो रहे नुकसान के बाद अब जंगली जानवर किसानों के लिए आफत बन चुके हैं। खेतों में खड़ी धान की फसल को जंगली जानवर रौद रहे हैं। जिससे काश्तकार परेशान हैं।
लगातार दो वर्षो तक कोरोनाकाल में नुकसान उठाने के बाद किसानों ने वापस खेती किसानी की ओर रुख किया पर ठीक समय पर बदलते मौसम के मिजाज में किसानों को नुकसान पहुंचाया। अदरक तथा गोभी की फसल खराब होने के बाद किसानों ने धान की उपज को तोड़ मेहनत की पर अब जंगली जानवर उपज को नुकसान पहुंचा रहे हैं। टूनाकोट तथा तिपोला गांव में जंगली जानवरों ने किसानों की धान की उपज को बर्बाद कर दिया है।
बैंकों से ऋण लेकर खेती करने वाले काश्तकारों को दो तरफा नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय किसान खुशहाल सिंह, रघुवर सिंह, श्याम सिंह, मदन सिंह, सुनील सिंह मेहरा, धन सिंह, खड़क सिंह, गोपाल सिंह, प्रताप सिंह, बची राम आदि ने मुआवजे की मांग उठाई है। कहा कि लगातार उपज बर्बाद होने से नुकसान बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने जंगली जानवरों के आतंक से भी निजात दिलाने की मांग की है।
