बाराबंकी: विक्षिप्त महिला को तीन माह बाद पुलिस ने परिजनों से मिलवाया, हो रही सराहना

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बाराबंकी। बिहार की मानसिक रूप से विक्षिप्त एक महिला भटकते हुए बाराबंकी के थाना टिकैतनगर पहुंची। मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला पुलिस के प्रयास से अपने परिवार से मिल गई। यह महिला तीन महीने से बिहार से लापता हुई थी। तभी से भटक रही थी। गुरुवार को प्रभारी निरीक्षक शशिकांत यादव  ने अपने परिवार से …

बाराबंकी। बिहार की मानसिक रूप से विक्षिप्त एक महिला भटकते हुए बाराबंकी के थाना टिकैतनगर पहुंची। मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला पुलिस के प्रयास से अपने परिवार से मिल गई। यह महिला तीन महीने से बिहार से लापता हुई थी। तभी से भटक रही थी। गुरुवार को प्रभारी निरीक्षक शशिकांत यादव  ने अपने परिवार से भटकी इस महिला को उसके पुत्र के हवाले कर दिया।

जानकारी के मुताबिक मंगलवार की रात प्रभारी निरीक्षक शशिकांत यादव रात में गश्त पर थे। नियामत गंज के पास एक महिला सड़क से टिकैत नगर की ओर पैदल आ रही थी। कोतवाल को शक होने पर उसने महिला को रोककर पूछताछ शुरू की। और उसे थाने पर ले आये। थाने पर उसके खाने की व्यवस्था की। महिला की बोल- चाल से पता चला कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है।

कोतवाल ने दरियादिली दिखाते हुए महिला को नए कपड़े मंगवा कर पहनवाए। और महिला के परिजनों का पता लगाया। जांच में पता चला कि महिला बिहार राज्य के जनपद खगटिया के थाना गोगरी के गांव धनखेता निवासी 45 वर्षीय नीलम पत्नी अस्तनंद की है। मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह घर से निकल आई थी और तभी से भटक रही थी। कोतवाल ने महिला के गांव में संपर्क किया तो पता चला उसका पुत्र पंजाब में नौकरी करता है। बड़ी मुश्किल से उसके पुत्र का मोबाइल नंबर मिला, तो पुलिस ने उसको जानकारी देकर थाने पर बुलवाया। थाने पर पहुंचे पुत्र ज्वाला यादव ने कोतवाल का शुक्रिया अदा किया। कोतवाल ने अपने पास से किराए का पैसा देकर मां व उसके बेटे को बिहार भिजवाया। कोतवाल के इस सराहनीय कार्य से पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना है। कोतवाल शशिकांत यादव ने बताया की महिला को उसके पुत्र वाला ज्वाला यादव के सुपुर्द कर दिया गया। महिला पूरी तरह से स्वस्थ है।

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