अल्मोड़ा: सेना ने चिनूक से शुरू किया रेस्क्यू, एक पर्यटक की मौत

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अल्मोड़ा, अमृत विचार। हिमालयी क्षेत्रों में आई आपदा से अब भी लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। हालांकि आर्मी और एअर फोर्स ने आपदा में फंसे पर्यटकों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। गुरुवार को करीब साठ से अधिक पर्यटकों को चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से नैनीसैनी हवाई पट्टी …

अल्मोड़ा, अमृत विचार। हिमालयी क्षेत्रों में आई आपदा से अब भी लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। हालांकि आर्मी और एअर फोर्स ने आपदा में फंसे पर्यटकों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। गुरुवार को करीब साठ से अधिक पर्यटकों को चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से नैनीसैनी हवाई पट्टी तक पहुंचाकर उनकी जान बचाई गई। लेकिन ठंड के कारण महाराष्ट्र के एक पर्यटक की मौत हो गई है। सेना और एअर फोर्स का रेस्क्यू अभी यहां जारी है।

कुमाऊं के हिमालयी जिलों में आई आपदा के बाद से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में काफी संख्या में पर्यटक यहां फंस गए। दारमा और व्यास घाटी में जहां सौ से अधिक पर्यटकों की फंसे होने की सूचना है। वहीं धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्रों समेत गुंजी में भी पर्यटकों के फंसे होने की सूचना प्रशासन को मिली थी। लेकिन जिले में सड़क मार्गों के अलग थलग पड़ जाने के कारण इन पर्यटकों को सकुशल वापस लाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए यहां आपदा में फंसे लोगों को बचाने के लिए आर्मी और एअर फोर्स की मदद ली गई। गुरुवार को गुंजी समेत धारचूला के उच्च हिमालयी क्षेत्रों से करीब साठ पर्यटकों को सकुशल नैनी सैनी हवाई पट्टी पहुंचाया गया।

जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने जालीकांग में ठंड के कारण महाराष्ट्र के एक पर्यटक की मौत की भी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एअर फोर्स के चिनूक हेलीकॉप्टर से पर्यटकों को बचाने का पूरा पूरा प्रयास किया जा रहा है। मेडिकल टीमों को भी उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से भेजा गया है। ताकि पर्यटकों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। आपदा के बाद प्रशासन के लिए यहां स्थानीय हालातों से निपटना और पर्यटकों को बचाना एक चुनौती बनी हुई है।

सीएम धामी की मां को भी किया एअर लिफ्ट
सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की माता को भी गुरुवार को पिथौरागढ़ प्रशासन ने एअर लिफ्ट कर हल्द्वानी तक पहुंचाया। पुष्कर धामी की माता बिशना देवी कुछ दिनों पहले अपने पैतृक गांव अहाड़खोला में एक धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए यहां आई थी। लेकिन सड़क मार्ग बंद होने के कारण वह यहां से लौट नहीं पा रही थी। प्रशासन ने गुरुवार को उन्हें हेलीकॉप्टर से लिफ्ट कर हल्द्वानी तक पहुंचाया।

तेजम से गर्भवती महिला को किया एअर लिफ्ट
आर्मी और वायुसेना की टीम ने गुरुवार को तेजम से एक गर्भवती महिला और पिथौरागढ़ से दो बच्चों को एअर लिफ्ट कर हल्द्वानी पहुंचाया। डीएम डा. आशीष कुमार ने बताया कि सड़क मार्गों को खोलने का काम तेजी से किया जा रहा है। फिलहाल आपदा राहत कार्यों के लिए आर्मी और सेना की मदद ली जा रही है।

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