हल्द्वानी: दीपावली के बाद शराब की दुकानों पर लगेगा आबकारी का ताला
सर्वेश तिवारी, हल्द्वानी। आबकारी विभाग की कर्जदार शराब की दुकानों पर विभाग तालाबंदी की कार्रवाई करने जा रहा है। ये कार्रवाई दीपावली के बाद की जा सकती है। इन दुकानों की संख्या 10 से करीब है और हर दुकान पर करीब 10 करोड़ रुपए का कर्ज का है, जो ये चुका नहीं रहे हैं। नैनीताल जिले …
सर्वेश तिवारी, हल्द्वानी। आबकारी विभाग की कर्जदार शराब की दुकानों पर विभाग तालाबंदी की कार्रवाई करने जा रहा है। ये कार्रवाई दीपावली के बाद की जा सकती है। इन दुकानों की संख्या 10 से करीब है और हर दुकान पर करीब 10 करोड़ रुपए का कर्ज का है, जो ये चुका नहीं रहे हैं।
नैनीताल जिले में अंग्रेजी और देसी की कुल 62 दुकानें हैं। इनमें से 30 दुकानें अंग्रेजी शराब की हैं और 32 दुकानें देसी शराब की हैं। देसी शराब की इन दुकानों में बीयर की बिक्री भी होती है। जिले की कुल दुकानों में से करीब आठ दुकानें ऐसी हैं, जिन पर तालाबंदी की तलवार लटक रही है।
ये दुकानें हल्द्वानी, नैनीताल और रामनगर की है। दरअसल, इन दुकानों पर आबकारी विभाग का अधिभार बकाया है, जो ये दुकानदार फिलहाल जमा नहीं कर रहे हैं। ये अधिभार 10 करोड़ से ज्यादा बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बकाए अधिभार का ये मामला जिलाधिकारी दफ्तर तक भी पहुंचा। जिसके बाद बकाया अधिभार जमा करने के लिए इन दुकानदारों को दीपावली तक का वक्त दिया गया था। अगर इन दुकानदारों ने तय समय के भीतर बकाया अधिभार जमा कर दिया तो ठीक, वरना दीपावली के बाद उन दुकानों पर आबकारी विभाग ताला लगा देगा, जिनक पर बकाया है। इसके बाद नियमत: विभाग दोबारा री-टेंडर कराएगा।
जिन दुकानों पर अधिभार बकाया है, उनसे जल्द से जल्द अधिभार जमा करने को कहा गया है। मामले में जिलाधिकारी की ओर से अधिभार जमा करने की तिथि तय कर दी गई है। यदि दीपावली के बाद अधिभार जमा नहीं किया जाता तो दुकानों का लाइसेंस कैंसिल कर री-टेंडर कराया जाएगा।-रेखा जुराल भट्ट, जिला आबकारी अधिकारी
कोरोना की वजह से कर्ज में डूबे दुकानदार
हल्द्वानी। बकाया अधिभार कोरोना की देन है। दरअसल, हुआ यूं कि कोरोना की वजह से आबकारी के दस्तावेजों में 56 दिन का लॉकडाउन था। इस दरम्यान शराब की दुकानें तो बंद थी, लेकिन इनके शराब के तय कोटे कैंसिल नहीं किए गए थे। यानी दुकानें तो बंद थी, लेकिन दुकानदारों के लिए कोटा उठाना अनिवार्य था और ये कोटा न उठाने पर इन दुकानदारों पर कर्ज हो गया। ये कर्ज आगे समायोजित किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल तो इन्हें कर्ज अदा करना ही होगा।
शराब की अधिकता से कम हो गए दाम
लॉकडाउन के दौरान शराब का जो कोटा जारी हुआ था, उसे लॉकडाउन खुलने के बाद बेचा गया। अब दिक्कत ये थी लॉकडाउन के बाद नियमत: दुकानदारों को नया कोटा जारी हो चुका था। पहले का माल बिका नहीं था और उस पर अतिरिक्त कोटा गले की फांस बन गया। मौजूदा वक्त में दुकानदारों के पास इतनी शराब मौजूद है कि उसे बेचना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में दुकानदार दुकानों के बाहर बैनर लगाकर शराब को एमआरपी से लगभग 40 प्रतिशत कम दाम पर बेच रहे हैं।
