हल्द्वानी: गौलापार में अब मवेशियों के लिए भी पानी नहीं
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौलापार में सिंचाई नहर टूट जाने के बाद सिंचाई की दिक्कत खड़ी हो गई है। पानी के अभाव में गौलापार के मवेशी भी प्यासे हैं। सिंचाई विभाग का नलकूप खंड कामचलाऊ व्यवस्था के तौर पर कार्यवाही कर रहा है। विगत दिनों हुई भारी बारिश के चलते गौलापार के लोगों को काफी नुकसान …
हल्द्वानी, अमृत विचार। गौलापार में सिंचाई नहर टूट जाने के बाद सिंचाई की दिक्कत खड़ी हो गई है। पानी के अभाव में गौलापार के मवेशी भी प्यासे हैं। सिंचाई विभाग का नलकूप खंड कामचलाऊ व्यवस्था के तौर पर कार्यवाही कर रहा है।
विगत दिनों हुई भारी बारिश के चलते गौलापार के लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। यहां सिंचाई नहर टूटने की वजह से जहां एक ओर खेतों में सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है तो वहीं दूसरी ओर किसानों के पास अपने मवेशियों को पिलाने के लिए भी पानी नहीं है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन सिंह बिष्ट ने बताया कि एक सप्ताह से भी ज्यादा का समय बीत गया है और यहां पानी का संकट बना हुआ है।
इधर नलकूप खंड के अधिकारियों ने ग्रामीणों की आपसी सहमति पर नवाड़खेड़ा में स्थित नलकूप से अन्य गांव के लिए भी पानी की सप्लाई शुरू की है। नलकूप खंड के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी ने बताया कि यह ग्रामीणों की आपसी रजामंदी के बाद किया जा रहा है।
इससे समस्या को कुछ हद तक समाधान हो पा रहा है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि जब सिंचाई नहर ठीक नहीं हो जाएगी तब तक यहां परेशानी चलती रहेगी। नीरज रैक्वार ने बताया कि यहां बड़ी आबादी खेती और पशुपालन पर निर्भर है। और इन दोनों ही कामों में पानी की आवश्यकता होती है। इसलिए हमारी मांग है कि जल्द सिंचाई नहर को ठीक किया जाए।
नहर ठीक नहीं हुई तो होगा आंदोलन
गौलापार के लोगों का कहना है कि अगर सिंचाई नहर को जल्द ठीक नहीं किया गया तो स्थानीय लोग आंदोलन करेंगे क्योंकि यहां जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया है। और प्रशासन नहर को ठीक कराने के लिए आपदा मद से धनराशि आने का इंतजार करने की बात कह रहा है जबकि यहां पर पानी के अभाव में एक दिन भी काटना मुश्किल हो रहा है।
