हल्द्वानी: धनतेरस आज,महंगाई की मार, फिर भी बाजार गुलजार
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना काल में बेरोजगारी और आपदा के साथ महंगाई की मार से आम लोगों से लेकर कारोबारी सब परेशान हैं। दिवाली बाजार में लगभग हर वस्तु पर 30 से 40 फीसदी महंगाई बढ़ गई है। डीजल-पेट्रोल सहित हर जरूरी सामानों के दाम आग उगल रहे हैं। इसका असर कारोबार और लोगों की …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना काल में बेरोजगारी और आपदा के साथ महंगाई की मार से आम लोगों से लेकर कारोबारी सब परेशान हैं। दिवाली बाजार में लगभग हर वस्तु पर 30 से 40 फीसदी महंगाई बढ़ गई है। डीजल-पेट्रोल सहित हर जरूरी सामानों के दाम आग उगल रहे हैं।

इसका असर कारोबार और लोगों की जेब पर तो पड़ा है। लेकिन धनतेरस के एक दिन पहले पर्व की परंपरा कायम रखते हुए ग्राहकों की भीड़ बाजार में खूब देखने को मिली। हालांकि महंगाई के कारण पहले के मुकाबले लोगों ने खर्च में काफी कटौती की।
धनतेरस से पहले ही दो हजार वाहन बुक
धनतेरस पर वाहन कारोबारियों पर खूब धनवर्षा होगी। इस दिन के लिए ग्राहकों ने वाहनों की खूब बुकिंग कराई है। शहर के अलग-अलग शोरूम से मिले आंकड़ों के अनुसार एक हजार से ज्यादा बाइकें बुक हुई हैं, जबकि 500 के करीब कारों की भी चाबी धनतेरस के दिन लोग थामना चाहते हैं। पर्वतीय इलाकों को ध्यान में रखते हुए वाहन शौकीनों ने बाइकों में ऑफ रोडिंग एडवेंचर बाइक पर लोगों की ज्यादा रुचि रही है। वहीं कारों में क्लिच के साथ फ्री गेयर को ज्यादा पसंद किया गया। पेट्रोल की महंगाई के कारण बैटरी चालित स्कूटी भी खूब बिकी है। शहर की सड़कों पर दौड़ाने के लिए इस एक महीने में ही तकरीबन चार शोरूमों से 500 के करीब इलेक्ट्रिक स्कूटी बिक चुकी हैं। शोरूम में इलेक्ट्रिक स्कूटी 48 हजार से लेकर 82 हजार तक उपलब्ध हैं।

सेमी कंडक्टर चिप की किल्लत का दिखेगा असर
बुकिंग के बावजूद लग्जरी कार के शौकीनों को मायूसी का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल मलेशिया, ताइवान सहित अन्य देशों से आयात होने वाली सेमी कंडक्टर चिप की मैन्यूफैक्चरिंग में आई कमी के कारण शोरूम पर कारों की कमी चल रही है। रामपुर रोड स्थित एक शोरूम के महाप्रबंधक समीर नंदवानी ने बताया कि बुकिंग हुई कारों को चिप की कमी दूर होने के बाद जब शोरूम में कार पहुंचेंगी तो उन्हें डिलीवर किया जाएगा।
इस दिवाली फोर्ड की नहीं बिकेंगी कारें
इस दिवाली फोर्ड कार के दिवाने मायूस रहेंगे। दरअसल नौ सितंबर को भारत छोड़ चुकी इस कंपनी के शोरूम पर नई कारें नहीं है। सिर्फ गाड़ियों का मेंटीनेंस चल रहा है। रामपुर रोड स्थित शोरूम के महाप्रबंधक ने बताया कि पिछले साल हल्द्वानी में दिवाली सीजन में 170 गाड़ियों की सेल हुई थी। 70 गाड़ियां धनतेरस के लिए बुक हुई थीं। पिछले साल दिवाली पर 16 करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ था।
तेल की महंगाई : कम जलेंगे दिये, ज्यादा बिकीं मोमबत्तियां
दो सौ के करीब पहुंची प्रति लीटर तेल की कीमत का असर इस बार दिवाली पर दियों की बिक्री पर भी खूब पड़ा है। एक परिवार जो 21, 51, 101 की संख्या में दिए खरीदता था, उसने इस बार मात्र 13 से 15 दियों की ही खरीदारी की है। इसका एक बड़ा कारण सरसो के तेल की कीमत प्रति लीटर 190 तक पहुंचना माना जा रहा है। पिछले साल सौ के करीब कीमत रही थी। महंगाई के कारण लोगों ने मोमबत्तियों की खूब खरीद की।
25 फीसदी महंगी हुईं खीले, परमल, खिलौने, बतासे
दिवाली पर खीले, परमल, खिलौने, बतासे को लेकर परंपरागत खरीदारी होती है। इस बार भी इनकी खरीदारी को ग्राहकों की भीड़ तो खूब रही, लेकिन लोगों ने महंगाई के कारण खर्च कम किया। दरअसल इन सभी खाद्य पदार्थों में पिछले साल की अपेक्षा 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल यह सब 60 रुपये किलो, जबकि इस बाद 80 रुपये किलो दाम रहे, मीठे खिलौने 100 रुपये किलो तक बिके। मिठाइयों के भी दामों में 30 फीसदी तक महंगाई रही।
मिट्टी की मूर्तियां भी कम बिकीं
मिट्टी की मूर्तियों पर भी महंगाई का असर रहा। बाजार में नैनीताल रोड से लेकर पटेल चौक, सदर बाजार, मीरा मार्ग, रामलीला मैदान, मटर गली, जामा मस्जिद, रेलवे रोड मंगल पड़ाव व बरेली, रामपुर व कालाढूंगी रोड पर जगह जगह लोगों ने दुकानें सजाई। लेकिन ग्राहकों के कम पहुंचने से इनसे जुड़े कारोबारियों की पिछले साल की अपेक्षा आमदनी कम रही है।
कोरोना और आपदा का सराफा कारोबार पर असर
कोरोना काल में बढ़ी बेरोजगारी और हाल ही में आई आपदा से प्रभावित पर्वतीय इलाकों के लोगों का असर सराफा कारोबार पर पड़ा है। धनतेरस में जहां सोने-चांदी की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जमी रहती थी, इस बार अधिकांश दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा। पिछले साल दिवाली पर बड़े शोरूमों को छोड़ करीब दो सौ दुकानों पर 25 करोड़ का कारोबार हुआ था। इस बार धनतेरस तक इस कारोबार में 30 से 40 फीसदी की कमी की आशंका जताई जा रही है।
कपड़े का कारोबार चमका, जमकर हुई खरीदारी
दिवाली पर कपड़ा कारोबारी काफी उत्साहित हैं। बाजार में मौजूद कपड़ों की करीब तीन सौ दुकानों पर हजारों की संख्या में ग्राहकों की भीड़ रही। जमकर खरीदारी हुई। व्यापारियों के एक अनुमान के अनुसार इस दिवाली 30 से 40 करोड़ के कपड़े व्यापारी बेच लेंगे।
