हल्द्वानी: छात्रनेताओं के तेवर तीखे, बोले- शिक्षकों को भी कॉलेज में घुसने नहीं देंगे
हल्द्वानी, अमृत विचार। एमबीपीजी कॉलेज में प्रवेश को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। शाम को प्राचार्य डॉ. बीआर पंत आंदोलनकारियों से वार्ता करने पहुंचे लेकिन एबीवीपी नेता लिखित आश्वासन पर ही आंदोलन खत्म करने की बात पर अड़े। आंदोलनकारियों ने दो टूक कहा मांगों पर गौर नहीं हुआ तो मंगलवार से …
हल्द्वानी, अमृत विचार। एमबीपीजी कॉलेज में प्रवेश को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। शाम को प्राचार्य डॉ. बीआर पंत आंदोलनकारियों से वार्ता करने पहुंचे लेकिन एबीवीपी नेता लिखित आश्वासन पर ही आंदोलन खत्म करने की बात पर अड़े। आंदोलनकारियों ने दो टूक कहा मांगों पर गौर नहीं हुआ तो मंगलवार से शिक्षकों को भी कालेज में नहीं घुसने दिया जाएगा।
शुक्रवार को एमबीपीजी कॉलेज में जमकर बवाल हुआ था। पहले आओ, पहले पाओ के आधार चल रही प्रवेश प्रक्रिया के लिए हजारों विद्यार्थी जुट गये। जब कालेज प्रबंधन ने सीमित सीटों का हवाला दिया था तो छात्र नेता भड़क गये थे। छात्रनेता डीजल लेकर प्राचार्य दफ्तर की छत पर चढ़ गये। हंगामा बढ़ा तो पुलिस ने लाठियां फटकारीं। अफरातफरी के बीच छात्रनेता चोटिल हो गये थे। प्राचार्य को ढाई घंटे तक उनके दफ्तर में बंद रखा गया। इसके बाद से एबीवीपी नेताओं ने सीओ को बर्खास्त करने व सभी विद्यार्थियों को प्रवेश देने की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया था। सोमवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रहा।
शाम को एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री प्रदीप शेखावत, भाजयुमो नेता प्रमोद बोरा धरनास्थल पर पहुंचे। बाद में प्राचार्य डा. बीआर पंत, छात्र संघ प्रभारी एसके नेगी धरनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास किया। डा. पंत ने कहा कि सांध्य कालीन कक्षाओं के लिए वे प्रयासरत हैं।
उन्होंने आंदोलनकारियों से धरना समाप्त कर कालेज में शैक्षणिक माहौल बनाने में सहयोग का आह्वान किया लेकिन आंदोलनकारी सभी विद्यार्थियों को प्रवेश देने के लिखित आश्वासन पर ही आंदोलन समाप्त करने पर अड़ गये। एबीवीपी नेताओं ने साफ कहा कि मंगलवार से आंदोलन को तेज किया जाएगा। शिक्षकों को भी कालेज परिसर में घुसने नहीं दिया जाएगा। आंदोलनकारियों के तेवर देख प्राचार्य डा. बीआर पंत वापस लौट गये।
धरनास्थल पर रश्मि लमगड़िया, काजल बिष्ट, सूरज जंतवाल, अभिषेक गोस्वामी, अमन सिंह, जीवन जोशी, देवेंद्र बिष्ट, विशाल भोजक, सूरज रमोला, कौशल बिरखानी, संस्कार रस्तोगी, निहित नेगी मौजूद रहे।
