बरेली: चौबारी में रामगंगा के किनारे सजने लगा तंबूओं का शहर
बरेली, अमृत विचार। हर साल की तरह इस बार भी कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष्य पर लगने वाले चौबारी मेले की तैयारी जोरों से की जा रही है। मेले में दूर- दराज क्षेत्रों से दुकानदारों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। मेले का आयोजन 8 दिनों तक किया जाएगा। मेला क्षेत्र में बदायूं, मुरादाबाद, …
बरेली, अमृत विचार। हर साल की तरह इस बार भी कार्तिक पूर्णिमा के उपलक्ष्य पर लगने वाले चौबारी मेले की तैयारी जोरों से की जा रही है। मेले में दूर- दराज क्षेत्रों से दुकानदारों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। मेले का आयोजन 8 दिनों तक किया जाएगा। मेला क्षेत्र में बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत, आदि सहित अनेक जनपदों से व्यापारी दुकानों के लिए चयनित स्थानों पर पहुंच कर दुकान सजाने की तैयारी में जुट गए हैं। हालांकि इस वर्ष मेले का आयोजन प्रशासन द्वारा देरी से अनुमति मिलने के कारण घोड़ों के नखाशे की रौनक फीकी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
अक्टूबर से प्रयास पर नवंबर में मिली अनुमति
मेला प्रबंध समिति के संयोजक जयवीर सिंह ने बताया कि एतिहासिक मेले का आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाता है। लेकिन इस बार मेले के आयोजन के लिए प्रशासन की ओर से अनुमति में देरी के कारण पर्याप्त तरीके से प्रचार- प्रसार नही हो पाया है। जिससे उम्मीद है कि इस बार मेले में दुकानों की तादात भी कम रहेगी। हालांकि मेला आयोजन के लिए अक्टूबर माह से ही प्रबंध समिति द्वारा प्रयास किया जा रहा था। अंतत: मेले के लिए जिलाधिकारी ने प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक कर 8 नवंबर को मेला आयोजन की अनुमति पर मुहर लगाई । शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन की निगरानी में पांच सदस्यीय मेला प्रबंध समिति का गठन किया गया है।
जनपद ही नहीं दूसरे प्रदेश से आते हैं घोड़े
चौबारी मेले में लगने वाला घोड़ों के नखाशे में आस पास के जनपदों के अलावा बाहरी राज्यों से भी हजारों की तादात में घोड़ों को बिक्री के लिए लाया जाता है। जो लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दशकों पूर्व यहां राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, बिहार सहित प्रदेश के कोने कोने से घोड़ों और गौवंश को बिक्री के लिए लाया जाता था। मेले में घोड़ों की दौड़ प्रतियोगिता कराई जाती थी। लेकिन समय बीतने के साथ प्रतियोगिताओं को बंद कर दिया गया, लेकिन बिक्री के लिए अभी भी लोग यहां घोड़ों को लाते हैं। फिलहाल अभी तक 4- 5 घोड़े नखाशे में बिक्री के लिए लाए गए हैं।
हर वैरायटी की अलग होगी गली
मेले में खिलौने, कपड़े, खानपान, क्राकरी आदि सहित अनेक प्रकार की दुकानें सजाई जा रही हैं। दुकानों की अलग अलग व्यवस्था की जाएगी। कास्मेटिक, लकड़ी की दुकानों समेत हर तरह की दुकानों के अलग अलग गली बनाई जाएगी। जिससे ग्राहकों को सहूलियत रहे। गली का नंबर भी अंकित रहेगा। मेले में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्थाओं के लिए लाइटों का भरपूर प्रबंध कराया गया है।
कूड़े के ढेर हटाने में जुटे कर्मचारी
घाट के पास से ही गुजर रहे ओवरब्रिज पर रोजाना वाहनों की भारी आवाजाही भी होती है। इस कारण नदी व आस पास के क्षेत्र में जगह – जगह कूड़े के ढ़ेर लग गए हैं। गंदगी को साफ कराने के लिए स्थानीय मजदूरों के जरिए साफ सफाई कराने कराने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।
