हल्द्वानी: कोरोना के चलते राज्य में पहली बार राजस्व संग्रह में आई कमी

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नरेन्द्र देव सिंह, अमृत विचार। कोरोना की पहली लहर के दौरान बीते वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रह में काफी कमी आई है। राजस्व संग्रह एक साल में 1793 करोड़ घट गया है। इसके चलते विकास कार्यों पर प्रभाव पड़ने के आसार हैं। कोरोना की मार लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ी और साथ ही इससे अर्थव्यवस्था …

नरेन्द्र देव सिंह, अमृत विचार। कोरोना की पहली लहर के दौरान बीते वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रह में काफी कमी आई है। राजस्व संग्रह एक साल में 1793 करोड़ घट गया है। इसके चलते विकास कार्यों पर प्रभाव पड़ने के आसार हैं।

कोरोना की मार लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ी और साथ ही इससे अर्थव्यवस्था को भी काफी नुकसान हुआ है। कोरोना की पहली लहर के दौरान लगाए गए लॉकडाउन की वजह से जहां अर्थव्यवस्था का पहिया रूक गया था वहीं इससे राजस्व संग्रह पर को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य में कुल 9282.14 करोड़ का राजस्व संग्रह हुआ था। इसके बाद 2020-21 में कुल राज्य में राजस्व संग्रह में 1793.48 करोड़ की कमी आई और यह 7488.66 करोड़ का संग्रह हुआ है। इसमें 19 प्रतिशत की कमी रही। जबकि राज्य गठन के बाद से हर साल राजस्व संग्रह में बढ़ोत्तरी ही होती थी। यह पहली बार है जब राजस्व संग्रह में कमी आई है।

राज्य गठन के समय राजस्व संग्रह 233 करोड़ था
राज्य गठन के समय उत्तराखंड में राजस्व संगह केवल 233.23 करोड़ रुपए था। बाद में यह बढ़कर साल 2019-20 में 9282.14 करोड़ हो गया। राजस्व संग्रह में 2010-11 में सबसे ज्यादा उछाल आया था। इस वर्ष में 2934.95 करोड़ रुपए का राजस्व सरकार को मिला था। जो उससे पहले साल से 31 प्रतिशत ज्यादा था।

पेट्रोल और डीजल पर कर में आई कमी
पेट्रोल और डीजल पर कर लगाकर राज्य को बड़ी आमदनी होती है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में पेट्रोल और डीजल पर कर लगाने के बाद कुल 1103.68 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। वहीं, 2020-21 में 1030.28 करोड़ का ही राजस्व मिला। जो पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले 6.65 प्रतिशत की कमी आ गई।

प्राकृतिक गैस पर कर में भी आई कमी
प्राकृतिक गैस पर कर से राज्य सरकार को 2019-20 में 10.38 करोड़ मिले थे जबकि 2020-21 में 8.42 करोड़ ही मिले।

सीजीएसटी, आईजीएसटी, एसजीएसटी और सीईएसएस में कर का संग्रह
जीएसटी वर्ग               साल 2019-20             2020-21 में
सीजीएसटी                    1833.4                  1602.07
आईजीएसटी                6002.92                  4724.86
एसजीएसटी                  3009.68                 2241.26
सीईएसएस                   143.88               59.83
स्रोत राज्य कर विभाग के अनुसार, धनराशि करोड़ में

कोरोना की वजह से अर्थव्यवस्था की रफ्तार में कमी आई है। इसका असर जीडीपी पर भी पड़ा था। इस वजह से राजस्व संग्रह में कमी आना स्वाभाविक है।- डा. पंकज कुमार, अर्थशास्त्री, एमबीपीजी डिग्री कॉलेज

 

 

 

 

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