हल्द्वानी: 15 कर्मचारी सात साल से कर रहे भत्ते का इंतजार
हल्द्वानी, अमृत विचार। लोक निर्माण विभाग के फील्ड कर्मचारी पिछले सात साल से आपदा ड्यूटी के भत्ते का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन भत्ते का इंतजार अभी खत्म होता दिखाई नहीं दे रहा है। मजे की बात तो यह है कि पुराना भत्ता दिए बगैर ही तीन फील्ड कर्मचारियों की पुन: आपदा के लिए ड्यूटी …
हल्द्वानी, अमृत विचार। लोक निर्माण विभाग के फील्ड कर्मचारी पिछले सात साल से आपदा ड्यूटी के भत्ते का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन भत्ते का इंतजार अभी खत्म होता दिखाई नहीं दे रहा है। मजे की बात तो यह है कि पुराना भत्ता दिए बगैर ही तीन फील्ड कर्मचारियों की पुन: आपदा के लिए ड्यूटी लगा दी गई है। इसको लेकर फील्ड कर्मचारियों में आक्रोश है।
16 और 17 जून 2013 को केदारनाथ में आई विनाशकारी आपदा को आठ साल बीत चुके हैं। आपदा की चपेट में आए हजारों लोगों को अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। केदारनाथ और मंदाकिनी घाटी में हजारों लोग लापता हो गए थे। आपदा के बाद 2014 में लोनिवि ने यहां सड़कों को बनाने का कार्य शुरू किया। इसके लिए हल्द्वानी कार्यालय से 15 लोगों को आपदा ड्यूटी के लिए केदारनाथ, गुप्त काशी भेजा था। यहां उन्होंने एक माह अपनी जान हथेली पर रखकर काम किया।
लोनिवि को इन कर्मचारियों को दो सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भत्ता देना है। पिछले सात साल से लगातार भत्ता भुगतान के लिए देहरादून स्थित प्रमुख अभियंता के यहां पत्र भेजा जा रहा है, लेकिन यहां कोई सुनवाई नहीं हो रही है। फील्ड स्टाफ नियमित संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष नंदाबल्लभ कानपाल ने बताया कि अभी तक पुराना भत्ता मिला नहीं है और कार्यालय के पांच कर्मचारियों की पुन: आपदा ड्यूटी लगा दी है। इसको लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है।
