हल्द्वानी: कहीं कोरोना बम न बन जाए हैंडलूम प्रदर्शनी, प्रशासन बेखबर
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है…. जब हम किसी को भी कॉल करते हैं तो सुनाई देती है। केंद्र सरकार ने इस लाइन को सभी नेटवर्क की कॉलर ट्यून बनाया गया है ताकि जनता कोरोना संक्रमण को नहीं भूले और सावधानी बरतें। लेकिन मोदी सरकार की इस पंक्ति को उत्तराखंड का …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है…. जब हम किसी को भी कॉल करते हैं तो सुनाई देती है। केंद्र सरकार ने इस लाइन को सभी नेटवर्क की कॉलर ट्यून बनाया गया है ताकि जनता कोरोना संक्रमण को नहीं भूले और सावधानी बरतें। लेकिन मोदी सरकार की इस पंक्ति को उत्तराखंड का शासन और नैनीताल जिला प्रशासन भूल गया है। हर दिन नए संक्रमित मरीज मिलने के बाद भी जिला प्रशासन ने हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज में हैंडलूम प्रदर्शनी लगाने की अनुमति दी है।
जिला प्रशासन ने नवंबर से दिसंबर के बीच एक माह के लिए प्रदर्शनी की अनुमति दी है। कार्यदायी संस्था/ठेकेदार ने एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में प्रदर्शनी की तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्टॉलों के साथ-साथ बड़े झूले लगाने शुरू हो गए हैं। कोरोना काल में प्रदर्शनी की अनुमति से कोरोना संक्रमण को दावत दी जा रही है।

सुबह से रात तक चलने वाली इन प्रदर्शनी में सैकड़ों से हजारों लोगों के पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में यदि एक भी कोरोना संक्रमित अनजाने में इस प्रदर्शनी में पहुंचता है तो यह प्रदर्शनी कोरोना बम बनाएगी। इसको लेकर प्रदर्शनी स्थल के आसपास रहने वालों, जनप्रतिनिधियों का विरोध है ऐसे में इस प्रदर्शनी के आयोजन से सभी हैरान है।
पढ़ाई के वक्त प्रदर्शनी समझ से परे
नबंवर से फरवरी तक का वक्त विद्यार्थियों के लिहाज से काफी संवेदनशील हैं। इन दिनों एमबीपीजी कॉलेज में भी परीक्षाएं चल रही हैं ऐसे में प्रदर्शनी होने से शोर शराबा होगा और विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होगी। वहीं, अभिभावकों का कहना है कि बच्चों में कोरोना संक्रमण के भय से स्कूल नहीं खुल रहे हैं। ऐसे में प्रदर्शनी में बच्चे जरूर आएंगे तो बच्चों में भी संक्रमण का भय बढ़ेगा। ऐसे में प्रदर्शनी के आयोजन से बच्चों के अभिभावक भी हैरान व परेशान हैं।
नवंबर में अभी तक 62 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले
नवंबर में अभी तक 62 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं जबकि बीते मंगलवार को देहरादून में कोरोना संक्रमण से एक मरीज की मौत भी हो गई है। स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर आने की आशंका जता चुका है। खुद प्रशासन स्कूलों में जा-जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहा है। इसके बाद भी शासन व प्रशासन का सबक नहीं लेना समझ से परे हैं।
कोरोना का असर अभी भी बरकरार है। अभी भी जिले में कोरोना के मामले मिल रहे हैं। इसलिए कोविड नियमों का पालन करना जरूरी है। साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। – डा. भागीरथी जोशी, सीएमओ, नैनीताल
