हल्द्वानी: अगले साल जून से लग सकते हैं स्मार्ट मीटर, 52 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
हल्द्वानी, अमृत विचार। केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड (पुनरोत्थान) डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर योजना के तहत अभियंताओं ने भविष्य की जरुरतों के मुताबिक बिजली आपूर्ति की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसके तहत सभी डिविजनों के अभियंताओं ने प्रोजेक्ट की डिटेल रिपोर्ट तैयार कर ली है। जिसे पीएफसी कंपनी की ओर से नियुक्त अधिकारी को भेज दिया …
हल्द्वानी, अमृत विचार। केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड (पुनरोत्थान) डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर योजना के तहत अभियंताओं ने भविष्य की जरुरतों के मुताबिक बिजली आपूर्ति की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसके तहत सभी डिविजनों के अभियंताओं ने प्रोजेक्ट की डिटेल रिपोर्ट तैयार कर ली है। जिसे पीएफसी कंपनी की ओर से नियुक्त अधिकारी को भेज दिया गया है। इसके बाद डीपीआर का बजट भी तय किया जाएगा। उम्मीद है कि अगले साल जून से स्मार्ट मीटर लगने शुरू हो सकते हैं।
अधीक्षण अभियंता तरुण कुमार ने बताया कि भारत सरकार की ओर से निजी कंपनी पीएफसी को रिवैम्प्ड की जिम्मेदारी दी गई थी। कंपनी की ओर से एक सलाहकार नियुक्त किया गया है। जो सभी डिविजनों से प्रोजेक्ट की पूरी डिटेल रिपोर्ट लेकर गया है। इसके बाद यह रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी। भारत सरकार से प्रोजेक्ट को अनुमति मिलने के बाद बजट तैयार किया जाएगा। इसके बाद जून 2022 से नैनीताल व हल्द्वानी शहर में स्मार्ट मीटर समेत लाइनों के रिनोवेशन व अंडरग्राउंड करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी शहर में 52 हजार उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर का लाभ मिलेगा। इनमें 12 हजार कॉमर्शियल और 40 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं। इन स्मार्ट मीटर के लगने से लोगों को बिजली के बिलों से संबंधित शिकायतें व पोलों का निर्माण होने से लो वोल्टेज की समस्या नहीं सताएगी।
योजना के अंतर्गत 2024 तक पूरा काम किए जाने के आदेश दिए गए हैं। इसके तहत हल्द्वानी व नैनीताल में सबसे पहले काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद अन्य डिविजनों में भी उपभोक्ताओं को लाभ दिया जाएगा। – तरुण कुमार, अधीक्षण अभियंता
