हल्द्वानी: नदी में विस्फोटक फेंकने से पहले ही फटा बारूद, उड़ गए हाथों के चीथड़े
हल्द्वानी, अमृत विचार। नदी में दोस्तों के साथ मछली पकड़ने गए एक अधेड़ के दोनों हाथ विस्फोट से उड़ गए। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी हालत नाजुक बनी बनी हुई है। काठगोदाम गंगानगर निवासी रहमत अली (53) पुत्र महफूज अली अमृतपुर से गुजरी गौला नदी से रेता …
हल्द्वानी, अमृत विचार। नदी में दोस्तों के साथ मछली पकड़ने गए एक अधेड़ के दोनों हाथ विस्फोट से उड़ गए। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी हालत नाजुक बनी बनी हुई है।
काठगोदाम गंगानगर निवासी रहमत अली (53) पुत्र महफूज अली अमृतपुर से गुजरी गौला नदी से रेता भरान का काम करता है। घर में पत्नी व छह बच्चे हैं। बताया जाता है कि बीते गुरुवार को भी रहमत रेता भरान के लिए दोस्तों के साथ गौला नदी गया था। दोपहर रहमत और दोस्तों ने अचानक नदी से मछली पकड़ने का प्लान बना लिया।
वह कुछ दोस्तों के साथ बारूद लेकर नदी किनारे पहुंच गया। बताते हैं कि नदी में मछली मारने के लिए रहमत ने बारूद नदी में फेंकने के लिए उसमें आग लगाई। बारूद में आग तो लग गई, लेकिन रहमत उसे नदी में नहीं फेंक पाया और बारूद उसके हाथ में फट गया। जिससे उसके दोनों हाथों के चीथड़े उड़ गए और वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया।
आनन-फानन में दोस्त उसे कंधे पर लाद कर रोड तक लेकर आए। जिसके बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। रहमत के छोटे भाई हसमत ने बताया कि चिकित्सकों ने हाथ की सर्जरी करने के लिए कहा है। फिलहाल, रहमत के दोनों हाथ धमाके में उड़ गए।
रोड बंद थी, देर से पहुंच सका अस्पताल
हल्द्वानी। इस हादसे की खबर पाकर रहमत के छोटे भाई हसमत भी मौके पर पहुंच गए। बावजूद इसके रहमत को समय से इलाज नहीं मिल पाया। दरअसल, हल्द्वानी-काठगोदाम रोड पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी वजह से सुबह 10 बजे से शाम तक रोड पर यातायात पूर्ण रूप से बाधित रहता है। हसमत ने बताया कि सड़क पर काम कर रहे लोगों से आग्रह कर काम रुकवाया। सड़क पर मलबा था, जिसे हटाने में वक्त लगने से इलाज में देरी हुई।
