हल्द्वानी: विश्वविद्यालय की चूक युवाओं के भविष्य पर भारी, वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुए नंबर
अभिषेक आनंद, हल्द्वानी। कोरोना काल कुमाऊं के युवाओं पर भारी पड़ रहा है। कुमाऊं विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा की औपचारिकता के बाद अगली कक्षा के लिए प्रोन्नत तो कर दिया, लेकिन विश्वविद्यालय स्तर पर पोर्टल पर नंबर अपलोड करने में घोर लापरवाही बरती गई। नतीजतन, सैकड़ों विद्यार्थी अपने कॉलेज …
अभिषेक आनंद, हल्द्वानी। कोरोना काल कुमाऊं के युवाओं पर भारी पड़ रहा है। कुमाऊं विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर पढ़ने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा की औपचारिकता के बाद अगली कक्षा के लिए प्रोन्नत तो कर दिया, लेकिन विश्वविद्यालय स्तर पर पोर्टल पर नंबर अपलोड करने में घोर लापरवाही बरती गई। नतीजतन, सैकड़ों विद्यार्थी अपने कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय तक भटक रहे हैं।
कोरोना काल में कक्षाएं तो चलीं नहीं, लेकिन ये नियम बना दिया गया कि सभी को दूसरी कक्षाओं में प्रोन्नत कर दिया जाएगा। पिछले वर्षों के प्रदर्शन के आधार पर नंबर देते हुए उन्हें आगे नंबर दिए जाएंगें। अप्रैल 2020 में होने वाली परीक्षा नवंबर में हुई इसके सैकड़ों विद्यार्थियों के नंबर अपडेट नहीं हुए, लेकिन इन्होंने परीक्षा दी इसलिए अंतिम वर्ष के लिए प्रवेश दे दिया गया। अब अंतिम वर्ष की परीक्षा इन्होंने पास कर ली, लेकिन दूसरे वर्ष के नंबर अपलोड नहीं है। अब फाइनल अंकतालिका नहीं मिल रही है। नतीजतन ये विद्यार्थी अपने कॉलेजों से लेकर कुमाऊं विश्वविद्यालय तक के चक्कर काट रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन इसके लिए कॉलेज तो कालेज प्रबंधन इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर की ऋुटि को जिम्मेदार बता रहा है।
केस एक : पहाड़पानी निवासी मोहन बिष्ट एमबीपीजी कॉलेज में स्नातक तृतीय वर्ष का छात्र है। इसके नंबर पोर्टल पर अपडेट नहीं है। उसे नौकरी के लिए आवेदन करना है लेकिन अब तक उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।
केस दो : देवलचौड़ निवासी रवि पांडे स्नातक विज्ञान वर्ग छठें सेमेस्टर का छात्र है। उसने नौकरी के लिए आवेदन किया। उसमें स्नातक में अध्ययनरत दिखाया। अब नंबर अपलोड नहीं हैं। उसे नौकरी से ही हाथ धोना पड़ा।
केस तीन : गौलापार निवासी हेमंत आर्य भी स्नातक विज्ञान वर्ग में अध्ययनरत था। उसे परास्नातक के लिए प्रवेश लेना था लेकिन अभी तक उसके नंबर ही वेबसाइट पर अपलोड नहीं हैं। उसका भविष्य अधर में लटका है।
पोर्टल पर नंबर अपलोड न होने के कई मामले सामने आ रहे हैं। चूंकि ये प्रक्रिया विश्वविद्यालय में होती है। इसलिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय जाने की सलाह दी जा रही है। यदि विश्वविद्यालय स्तर से परीक्षा उपस्थिति या दूसरी रिपोर्ट मांगी जा रही है तो हम भेज रहे हैं। – डॉ. बीआर पंत, एमबीपीजी कॉलेज
