संभल : शादी समारोह से लौट रहे पति-पत्नी हादसे में घायल, बेटी की मौत
संभल, अमृत विचार। नखासा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति पत्नी और तीन वर्षीय बेटी के साथ बुधवार को बाइक से शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहा था। सामने से आ रही रिश्तेदार की कार से बाइक टकराने से तीनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। सूचना मिलने पर एंबुलेंस और पुलिस मौके …
संभल, अमृत विचार। नखासा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति पत्नी और तीन वर्षीय बेटी के साथ बुधवार को बाइक से शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहा था। सामने से आ रही रिश्तेदार की कार से बाइक टकराने से तीनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। सूचना मिलने पर एंबुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंच गई। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार कर सब को हायर सेंटर रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान बेटी ने दम तोड़ दिया।
नखासा थाना क्षेत्र के शरीफपुर गांव निवासी ब्रजमोहन पुत्र कैलाश के बड़े भाई के साढ़ू की पुत्री का विवाह था। कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को संभल-हसनपुर मार्ग पर कुरकावली में स्थित रिजॉर्ट में किया गया था। उसमें शामिल होने के लिए ब्रजमोहन पत्नि नीरज और तीन वर्षीय पुत्री पल्लवी के साथ गए थे। देर रात वह पत्नी को छोड़कर घर आ गया था। बुधवार की सुबह पत्नी और बेटी को बुलाने पहुंचे।
सुबह में सात बजे बाइक से दोनों को लेकर घर लौट रहे थे। जैसे ही वे सिंहपुर सानी गांव के पास पहुंचे, सामने से उनका रिश्तेदार धर्मपाल पुत्र हरदेव कार से मेहमानों को लेने रिजॉर्ट की ओर आ रहा था। गति तेज होने के कारण कार अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रही ब्रजपाल की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बच्ची और महिला उछल कर दूर जा गिरीं, वहीं ब्रजपाल बाइक सहित दूर तक घिसटता चला गया।
मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक और कार दोनों ही क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। उधर किसी ने 108 नंबर पर कॉल की तो एम्बुलेंस भी कुछ ही देर में दुर्घटनास्थल पर जा पहुंची। पुलिस ने फोन कर परिजनों को हादसे की जानकारी दी। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने मुरादाबाद रेफर कर दिया। परिजनों ने घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां बच्ची ने दम तोड़ दिया, जबकि दंपति की हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर दी गई है।
