खटीमा: ग्रेड पे समेत दो सूत्रीय मांगों को लेकर एनएचएम कर्मी गरजे
खटीमा/काशीपुर, अमृत विचार। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मी का गुरुवार को भी हरियाणा तर्ज पर ग्रेड पे आदि मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन जारी रहा। आक्रोशित कर्मियों ने मांगों के निदान तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन उत्तराखंड की प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर …
खटीमा/काशीपुर, अमृत विचार। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मी का गुरुवार को भी हरियाणा तर्ज पर ग्रेड पे आदि मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन जारी रहा। आक्रोशित कर्मियों ने मांगों के निदान तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन उत्तराखंड की प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर संविदा एनएचएम कर्मी विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार पर हैं। ब्लॉक के अंतर्गत नागरिक चिकित्सालय में कार्यरत लगभग 52 संविदा कर्मचारी समिति व आउटसोर्स के कर्मियों का अस्पताल परिसर में गुस्सा फूटा।
कर्मियों ने हरियाणा तर्ज पर ग्रेड पे व कैडर निर्धारण साथ ही आउटसोर्स को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर आउटसोर्स से नियुक्त सभी कर्मियों को समिति के माध्यम से एनएचएम में शामिल करने की मांग उठाई। इस दौरान हड़ताल में ब्लाक कार्यकारिणी के अध्यक्ष डॉ. रितेश त्रिपाठी, डॉ. मनोज पांडेय, डॉ.देश दीपक गौड़, डॉ. सोनाक्षी सक्सेना, डॉ. पूनम आर्या, नुपुर पांडेय, निर्मला धामी, अनीता कठायत, विक्रम सिंह बिष्ट, अजय सिंह, बृज गोपाल जोशी,निरूपम हलदार, गीता रानी समेत अनेक एनएचएम कार्मिक प्रदर्शन में शामिल रहे।
इधर, काशीपुर में एनएचएम कर्मी दो सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार पर डटे रहे। गुरुवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन के बैनर तले एलडी भट्ट, पीएचसी नारायण नगर के एनएचएम कर्मी कार्य बहिष्कार डटे रहे। उन्होंने एनएचएम कर्मियों को हरियाणा राज्य की भांति ग्रेड वेतनमान देने और एनएचएम में आउटसोर्स के माध्यम की जा रही नियुक्ति प्रक्रिया को अविलंब समाप्त कर वर्तमान में कार्यरत आउटसोर्स से अनुबंधित कर्मियों को राज्य एवं जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से नियुक्ति प्रदान करने की मांग की। कहा कि अभी तक सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है जिसको लेकर कर्मियों ने भारी रोष है। उन्होंने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेने पर कर्मी कार्य बहिष्कार के साथ उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। वहां पर संगठन अध्यक्ष डॉ. आदित्य विक्रम, डॉ. कुलदीप सिंह, मीनू, हिमानी, दीपक, कविता, रेखा, पूजा रानी, प्रशांत आदि थे।
