अल्मोड़ा: लोनिवि के संविदा अभियंताओं ने दून में दिया धरना
अल्मोड़ा, अमृत विचार। लोक निर्माण विभाग में संविदा में कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं ने शनिवार को नियमितीकरण को लेकर शनिवार को विधानसभा का कूच किया। लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। जिससे गुस्साए कर्मचारियों ने सड़क पर प्रदर्शन कर धरना दिया और अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग की। शनिवार को प्रदेश …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। लोक निर्माण विभाग में संविदा में कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं ने शनिवार को नियमितीकरण को लेकर शनिवार को विधानसभा का कूच किया। लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। जिससे गुस्साए कर्मचारियों ने सड़क पर प्रदर्शन कर धरना दिया और अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
शनिवार को प्रदेश के सभी जिलों से देहरादून पहुंचे कनिष्ठ अभियंता यहां के फव्वारा चौक पर एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर जाने लगे। लेकिन रिस्पना के पास तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें वहीं रोक लिया और आगे नहीं बढऩे दिया। जिस पर संविदा कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने सड़क पर ही नारेबाजी कर वहां धरना शुरू कर दिया। धरना सभा को संबोधित करते हुए कनिष्ठ अभियंताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के तथाकथित सलाहकार उन्हें गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।
जिस कारण सरकार उनकी आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। अभियंताओं ने कहा कि उन्होंने पिछले बारह वर्षों का अपने जीवन का स्वर्णिम काल प्रदेश के विकास में लगा दिया और यहां से पलायन ना कर अल्प वेतन में राज्य की सेवा करना मुनासिब समझा। लेकिन प्रदेश सरकारों ने हमेशा उनका उत्पीडऩ ही किा।
नियमितीकरण की उनकी मांग आज भी सपना बनकर रह गई है। लेकिन सरकार उस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। अभियंताओं ने कहा कि बीते दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने जिन योजनाओं का लोकार्पण किया उन्हें शिलान्यास से लोकार्पण तक पहुंचाने में इन्हीं अभियंताओं का योगदान रहा है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार विकास योजनाओं से वाहवाही तो लूट रही है। लेकिन अभियंताओं के भविष्य की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। संविदा कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह आमरण अनशन और चक्काजाम करने से भी गुरेज नहीं करेंगे।
