पहली बार नैनीताल पहुंचे राज्यपाल, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को लेकर कही यह बात, देखें Video
नैनीताल, अमृत विचार। प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) गुरमीत सिंह गुरूवार को पहली बार नैनीताल राजभवन पहुंचे। राजभवन पहुंचने पर अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। राज्यपाल ने कहा कि नैनीताल के कारण विश्व पटल पर उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि पहले की अपेक्षा नैनीताल में पर्यटकों की संख्या में …
नैनीताल, अमृत विचार। प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) गुरमीत सिंह गुरूवार को पहली बार नैनीताल राजभवन पहुंचे। राजभवन पहुंचने पर अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। राज्यपाल ने कहा कि नैनीताल के कारण विश्व पटल पर उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि पहले की अपेक्षा नैनीताल में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि नैनीताल शहर, आसपास के गांवों तथा पर्यटन स्थलों को और अधिक विकसित हों तथा यहां के मॉ नयना देवी मन्दिर सहित क्षेत्र के सभी ऐतिहासिक मन्दिरों के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन समय की मांग है तथा जनहित में कुछ नये कार्य होने चाहिए।
राज्यपाल ने स्वयंसहायता समूहों के स्टॉल का किया निरीक्षण, देखें वीडियो
राज्यपाल ने अधिकारियों के साथ पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, पेयजल, कानून व शान्ति व्यवस्था, परियोजनाओं के साथ वर्तमान में चल रहे कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए की जा रहे कार्यों की विस्तृत रूप से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार योजनाओं को बनायें। राज्यपाल ने राजभवन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा स्थानीय उत्पाद से बने हैंडी क्राफ्ट से निर्मित गुलदस्ते, आचार, एलईडी बल्ब, दालें, मसाले आदि की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उन्होंने महिलाओं से अपने उत्पाद को और अधिक बढ़ाने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थानीय उत्पादन को और अधिक बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बन सके।
राज्यपाल ने भूतपूर्व सैनिकों के साथ बैठक कर सुझाव भी लिए। इस मौके पर आयुक्त कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, डीआईजी डॉ. निलेश आनन्द भरणे, जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी, मुख्य विकस अधिकारी संदीप तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी भागीरथी जोशी, डीएफओ टीआर बिज्जू लाल आदि रहे।
