अल्मोड़ा: बीजेपी में बेताबी तो कांग्रेस में अजेय रहने की कवायद
रमेश जड़ौत, अमृत विचार, अल्मोड़ा। उत्तराखंड में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में चली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचंड लहर के कारण भाजपा ने भले ही प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफलता हासिल कर ली हो। लेकिन उत्तराखंड में एक विधानसभा सीट ऐसी भी है। जिसे पाने की बेताबी आज भी भाजपा …
रमेश जड़ौत, अमृत विचार, अल्मोड़ा। उत्तराखंड में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में चली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचंड लहर के कारण भाजपा ने भले ही प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में सफलता हासिल कर ली हो। लेकिन उत्तराखंड में एक विधानसभा सीट ऐसी भी है। जिसे पाने की बेताबी आज भी भाजपा को रह रहकर कुरेद रही है। मोदी लहर में भी इस सीट पर भाजपा आज तक कमल नहीं खिला सकी। ऐसे में अब 2022 के चुनावों में इस विधानसभा पर भाजपा की फिर से तिरछी नजर है।
जी हां हम बात कर रहे हैं अल्मोड़ा जिले की जागेश्वर विधानसभा सीट की। ग्रामीणों क्षेत्रों को जोड़ती इस विधानसभा सीट की भौगोलिक परिस्थितियां पहाड़ जैसी विषम हैं। विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम इसी विधानसभा में स्थित है। इस विधानसभा के अंतर्गत धौलादेवी और लमगड़ा दो विकास खंड आते हैं। सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ी इस विधानसभा में कुमाऊंनी और हिंदी भाषा बोली जाती है। जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र एक दौर में अल्मोड़ा बारामंडल विधानसभा के अंतर्गत था।
वर्ष 2000 में अलग उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ तो परिसीमन के बाद विधानसभा पृथक हो गई। प्रदेश की अन्य विधानसभाओं की तरह इस विधानसभा पर भी भाजपा ने राज्य गठन के बाद काबिज होने की पूरी पूरी कोशिश की। लेकिन अब तक हुए चार चुनावों में बीजेपी यहां कमल खिलाने में पूरी तरह नाकामयाब रही और यहां की विधायकी का ताज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह कुंजवाल के सिर ही बंधता रहा। वर्ष 2017 के चुनावों की बात करें तो इस चुनाव में इस सीट पर चार उम्मीदवार मैदान में थे।
लेकिन मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही रहा। इस विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 90388 है। 2017 में 50899 मतदाताओं ने यहां अपने मत का प्रयोग किया। जिसमें से कांग्रेस के गोविंद सिंह कुंजवाल को 47.41 प्रतिशत अर्थात 24132 मत पड़े। जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंदी सुभाष पांडे को 23733 मतों पर संतोष करना पड़ा और कुंजवाल फिर चौथी बार 399 मतों से विजयी घोषित किए गए। मोदी लहर के दौरान भी काफी कम मतों से हार का सामना करना भाजपा कार्यकर्ताओं को काफी खला। लेकिन जीत के प्रति आश्वस्त कांग्रेस के कुंजवाल मोदी लहर में भी इस सीट पर अपनी बादशाहत बनाए रखने में सफल साबित हुए।
यूं ही तय नहीं हुआ ब्लॉक प्रमुख से स्पीकर तक का सफर
अल्मोड़ा : 25 मई 1945 को तल्ला सालम के स्व. कर्म सिंह कुंजवाल के घर जन्मे गोविंद सिंह कुंजवाल ने राजनीति का यह लंबा सफर यूं ही तय नहीं किया। राजनीतिक सफर की शुरूआत से ही वह लोगों के प्रति समर्पित रहे और उनकी बीच अपनी गहरी पैंठ बनाई। अल्मोड़ा से इंटर तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद 1982 से उन्होंने अपने सक्रिय राजनीतिक जीवन की शुरूआत की और पहली बार लमगड़ा के ब्लॉक प्रमुख चुने गए। जनता में अच्छी पैंठ व सियासी दाव पेंच खेलने में माहिर हो चुके कुंजवाल ने 1987 में हुए पंचायत चुनावों में फिर ब्लॉक प्रमुख बनने में सफलता हासिल की। वर्ष 1993 में अल्मोड़ा बारामंडल सीट से यूपी विधानसभा के सदस्य चुने गए। राज्य गठन के बाद वर्ष 2002 में पहला विधानसभा चुनाव हुआ तो कुंजवाल ने जागेश्वर सीट से जीत हासिल की और तक वह तिवारी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। वर्ष 2007 में भी कुंजवाल की बादशाहत कायम रही। लेकिन इस बार प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। 2012 में भी कुंजवाल की इस सीट पर ताजपोशी हुई और कांग्रेस सरकार ने उन्हें विधानसभा अध्यक्ष के पद से नवाजा। 2017 के चुनावों में भी कुंजवाल ने कदम पीछे नहीं हटाए और जीत दर्ज कर यह रिकार्ड कायम रखा।
सक्रियता, समीकरण और विकास कार्यों का मिला फायदा
अल्मोड़ा : अविभाजित उत्तर प्रदेश के दौर से अब तक विधानसभा सदस्य समेत पृथक राज्य उत्तराखंड में सियासत के अनेक बड़े पदों पर आसीन हो चुके कुंजवाल की राजनीतिक सक्रियता, जाती समीकरण और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा उनके काम आई। विधानसभा में खासी पकड़ के साथ ही उनकी पहचान एक गांधीवादी नेता के रूप में की जाती है। कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए महरूम जागेश्वर में विधानसभा में उन्होंने दूरस्थ गांवों तक बिजली पहुंचाने, आपूर्ति सुचारू रखने के लिए सब स्टेशनों के निर्माण, अरबों रुपये की दन्या-बेलख, पनार -भनोली, कपिलेश्वर- बानड़ी देवी, दौड़म पंपिंग योजनाओं का निर्माण, 32 इंटर कालेज, तीन पॉलिटेक्निक, दो आईटीआई, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना व उनका उच्चीकरण आदि अनेक ऐसे कार्य हैं। जो यहां की जनता को हमेशा उनसे बांधे रखते हैं।
जागेश्वर विधानसभा- एक नजर
कुल मतदाता – 92139
पुरूष मतदाता – 48310
महिला मतदाता – 43829
कुल पोलिंग बूथ – 187
जातीय समीकरण- ठाकुर बाहुल्य सीट, अनुसूचित जाति व ब्राहमण भी शामिल।
