हल्द्वानी: कोटाबाग में बनेगा उत्तराखंड का पहला हॉलमार्किंग सेंटर

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मनीष तिवारी, अमृत विचार, हल्द्वानी। उत्तराखंड के सराफा व्यापारियों को गोल्ड ज्वेलरी की गुणवत्ता जांच के लिए राज्य के बाहर जाने की जद्दोजहद से जल्द ही छुटकारा मिल जाएगा। प्रदेश में पहला हॉलमार्किंग सेंटर के रूप में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सामान्य सुविधा केंद्र) कोटाबाग में बनने जा रहा है। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) …

मनीष तिवारी, अमृत विचार, हल्द्वानी। उत्तराखंड के सराफा व्यापारियों को गोल्ड ज्वेलरी की गुणवत्ता जांच के लिए राज्य के बाहर जाने की जद्दोजहद से जल्द ही छुटकारा मिल जाएगा। प्रदेश में पहला हॉलमार्किंग सेंटर के रूप में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सामान्य सुविधा केंद्र) कोटाबाग में बनने जा रहा है। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) ने जमीन की तलाश कर ली है। इस प्रस्ताव पर राज्य स्तरीय कमेटी और टीईएसी (केंद्रीय समिति टेक्नो इकोनॉमिक अप्रेजल कमेटी) से मंजूरी मिल गई है। केंद्र स्तरीय कमेटी की ओर से भी सर्वे शुरू कर दिया गया है।

ग्राहकों के लिए सोने की गुणवत्ता की पारदर्शिता के लिए बीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) की ओर से गोल्ड ज्वेलरी पर हॉल मार्किंग अनिवार्य की गई थी। निजी हॉल मार्किंग सेंटर से ही ज्वेलर्स अब तक जांच कराते आ रहे हैं। एमएसएमई अधिकारियों के अनुसार उत्तराखंड के सराफा कारोबारियों को सोने के आभूषणों के साथ लंबा सफर कर मेरठ और दिल्ली जैसे दूरस्थ जनपदों व प्रदेश से बाहर जाने का जोखिम भी उठाना पड़ता था। लिहाजा प्रदेश में पहली बार क्लस्टर विकास कार्यक्रम के तहत यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया। प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कमेटी के बाद एमएसएमई के अपर सचिव विकास आयुक्त की अध्यक्षता में टीईएसी से मंजूरी मिल चुकी है। भारत सरकार के एमएसएमई सचिव की अध्यक्षता में केंद्रीय स्तरीय कमेटी का फैसला आना बाकी है। इसको लेकर सिडबी बैंक की ओर से सर्वे शुरू कर दिया गया है।

हल्द्वानी के 28 कारोबारियों की होगी साझेदारी
-हॉल मार्किंग सेंटर को लेकर तैयार किए जा रहे कॉमन फैसिलिटी सेंटर में पूरे प्रदेश में 28 सराफा कारोबारियों की यूनिट तैयार की गई है। बड़ी बात यह है कि यूनिट के सभी सदस्य हल्द्वानी के सराफा कारोबारी हैं।

11.45 करोड़ का है प्रोजेक्ट
-एमएसएमई के इस प्रोजेक्ट में लगभग 11.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे। विभागीय जानकारी के अनुसार इसमें 8.82 करोड़ रुपये केंद्र सरकार, 50 लाख रुपये से अधिक राज्य और 2.12 करोड़ रुपये यूनिट सदस्यों की ओर से खर्च होंगे।

आएंगी ये मशीनें
– सीएनसी (कंप्यूटर संयानुसार नियंत्रित) मशीन
– कंप्यूटराइज्ड चेन मेकिंग मशीन
– ऑटोमेटिक भट्टी (सोना गलाने के लिए)

ऐसे करें सोने की पहचान
-ज्वेलर्स एसोसिएशन के संरक्षक नवीन वर्मा के अनुसार हर कैरेट के सोने के लिए हॉलमार्क नंबर अंकित किए जाते हैं। ज्वेलर्स की ओर से 24 कैरेट के लिए 999 नंबर 22 कैरेट के लिए 916 नंबर,18 कैरेट के लिए 750 और 14 कैरेट के लिए 585 नंबर का उपयोग किया जाता है। हॉलमार्क में दिए गए नंबर से पता चलता है कि किस ज्वेलरी में कितना प्रतिशत सोना इस्तेमाल हुआ है। उदाहरण के तौर पर यदि ज्वेलरी पर 585 नंबर अंकित है तो वह सोना 58.5 प्रतिशत शुद्ध होगा। जो प्रतिशत शेष रह जाता है, उसमें अन्य धातु का प्रयोग किया जाता है।

उत्तराखंड का पहला कॉमन फैसिलिटी सेंटर कोटाबाग में बनेगा। केंद्रीय स्तरीय समिति की अनुमति के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। हॉलमार्किंग के लिए प्रदेश के सराफा कारोबारियों को मेरठ और दिल्ली जाना पड़ता था। उन्हें अब अपने ही प्रदेश में यह सुविधा मिल सकेगी। हल्द्वानी के 28 सराफा कारोबारियों की यूनिट बनी है, इसका और विस्तार भी किया जा सकता है।
– ई. एससी कांडपाल, निदेशक, एमएसएमई

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