हल्द्वानी: अंतिम यात्रा में बवाल, मारपीट, कार तोड़ी, कोतवाली में हंगामा

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हल्द्वानी, अमृत विचार। अंतिम यात्रा के दौरान कार हटाने को लेकर रविवार दोपहर महिला अस्पताल के बाहर बवाल हो गया। सरेराह कार सवार और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों के बीच मारपीट हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने कार सवार दो युवकों को बुरी तरह पीट डाला और कार तोड़ डाली। मामला कोतवाली पहुंचा तो …

हल्द्वानी, अमृत विचार। अंतिम यात्रा के दौरान कार हटाने को लेकर रविवार दोपहर महिला अस्पताल के बाहर बवाल हो गया। सरेराह कार सवार और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों के बीच मारपीट हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने कार सवार दो युवकों को बुरी तरह पीट डाला और कार तोड़ डाली। मामला कोतवाली पहुंचा तो नाराज लोग कोतवाली के बाहर भी शव लेकर हंगामा करने लगे। कोतवाली के भीतर भी पुलिस के खिलाफ लोगों ने जमकर नारेबाजी की। अंत में कार सवार एक महिला के माफी मांगने पर मामला शांत हुआ।

गांधीनगर निवासी दारा का रविवार को निधन हो गया था। दोपहर में दारा की अंतिम यात्रा को लेकर लोग राजपुरा स्थित श्मशान घाट जा रहे थे। दारा का भतीजा शिवा शव यात्रा के आगे पिंड लेकर चल रहा था। बताया जाता है कि जब शव यात्रा महिला अस्पताल के बाहर पहुंची तो यहां एक कार रोड पर खड़ी थी। इस कार में दो पुरुष व दो महिलाएं सवार थीं। बताया जाता है कि अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने कार सड़क से किनारे करने को कहा। इस पर विवाद हुआ और कार चला रहे व्यक्ति ने पिंड लेकर चल रहे शिवा को थप्पड़ जड़ दिया। इससे भड़के लोगों ने कार सवार दोनों युवकों को कार से निकाल कर पीटा और कार के ऊपर चढ़ कर तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान कार सवार महिलाएं बीच-बचाव की कोशिश करती रहीं। तभी वहां मौजूद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और सभी को कोतवाली ले गई।

कोतवाली के बाहर पहुंचते ही एक बार फिर दोनों पक्षों में नोकझोंक होने लगी। लोग शव कोतवाली के बाहर रखने की कोशिश करने लगे। तभी एसएसआई तारा सिंह राणा ने लोगों को समझाकर शव यात्रा को श्मशान घाट भेजा। इधर, कार सवार पुलिस से मारपीट करने वालों पर कार्रवाई की मांग करने लगे। करीब एक घंटे बाद डेढ़ सौ से ज्यादा लोग कोतवाली पहुंच गए। जहां फिर लोगों की कार सवार महिला से नोकझोंक हो गई। मामला बिगड़ता देख महिला ने हाथ जोड़ कर माफी मांगी और लिखित में माफीनामा देने के बाद मामला शांत हुआ।

धाराओं के खेल से डर गए कार सवार लोग
इस मामले में कार सवार लोग अंत तक अंतिम यात्रा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि पुलिस श्मशान घाट जाकर मारपीट करने वालों को गिरफ्तार करे। पुलिस ने कार सवारों से तहरीर भी मांगी, लेकिन फिर कुछ लोगों ने कार सवार लोगों को समझाया कि उनकी तहरीर पर पुलिस मारपीट का रिपोर्ट तो दर्ज कर लेगी, लेकिन दूसरा पक्ष भी तहरीर देगा और उनकी ओर से एससी/एसटी के तहत रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। अगर ऐसा हुआ तो कार सवारों को जेल जाना पड़ेगा लेकिन दूसरे पक्ष को हाथों-हाथ जमानत मिल जाएगी। इसके बाद कार सवारों ने माफी मांगने में ही गनीमत समझी।

कोतवाली के अंदर पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगे
महिला के माफी मांगने के बाद मामला शांत हो चुका था। इस बीच कोतवाल हरेंद्र चौधरी मौके पर पहुंच गए। कोतवाली में भारी भीड़ देख पुलिस लोगों को कोतवाली से जबरन बाहर निकालने की कोशिश करने लगी। पुलिस के इस रवैये से लोगों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने पुलिस के खिलाफ कोतवाली में पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। एक बार फिर कुछ लोगों ने बमुश्किल मामले को शांत कराया।

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