वाह री सरकार! पढ़े-लिखे सैकड़ों HP कर्मचारियों को पकौड़े तलने पर मजबूर कर दिया
हल्द्वानी, अमृत विचार। नौकरी खोने का दर्द क्या होता है, ये कोई सिडकुल पंतनगर की एचपी कंपनी में काम करने वाले युवाओं से पूछे। पिछले 118 दिन से एचपी कंपनी से निकाले गए 500 से अधिक कर्मचारी हल्द्वानी के श्रम भवन में धरने पर बैठे हैं लेकिन कोई उनकी सुध लेने वाला नहीं है। सोमवार …
हल्द्वानी, अमृत विचार। नौकरी खोने का दर्द क्या होता है, ये कोई सिडकुल पंतनगर की एचपी कंपनी में काम करने वाले युवाओं से पूछे। पिछले 118 दिन से एचपी कंपनी से निकाले गए 500 से अधिक कर्मचारी हल्द्वानी के श्रम भवन में धरने पर बैठे हैं लेकिन कोई उनकी सुध लेने वाला नहीं है।
सोमवार को परेशान एचपी कर्मचारियों ने हल्द्वानी के तिकोनिया चौराहे पर सरकार को जगाने के लिए अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने पकोड़े तले और चाय बनाई और सब्जी बेचकर राज्य की धामी सरकार को जमकर कोसा। कर्मचारियों ने कहा कि पांच बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुहार लगा चुके हैं लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ भी नहीं मिला। रोजी रोटी छिनने से सैकड़ों कर्मचारी सड़क पर आने को मजबूर हो गए हैं।

एचपी मजदूर संघ के अध्यक्ष विनीत कपिल ने कहा कि 30 दिसंबर को प्रधानमंत्री के समक्ष कर्मचारी अपनी पीड़ा जाहिर करेंगे। 28 दिसंबर को एचएन इंटर कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में भी एचपी कर्मचारी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। मंगलवार सुबह बुद्ध पार्क से एचपी कर्मचारी रैली निकालकर एचएन इंटर कॉलेज पहुंचेंगे।
इस मौके पर राज्य आंदोलनकारी अध्यक्ष ललित जोशी, पहाड़ी आर्मी के संयोजक हरीश रावत, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विशाल भोजक, कार्तिक उपाध्याय, महामंत्री भवान सिंह, कमल उपाध्याय, धीरेंद्र मेहरा, दिनेश, गुरमुख, पुष्कर, मनीष, जीत, रजत, उमेश, पूजा, लक्ष्मी, प्रीति आदि रहे।
