एसओपी का सख्ती से पालन करते हुए वैष्णो देवी तीर्थयात्रा शुरू
कटरा, जम्मू कश्मीर। भगदड़ के बावजूद वैष्णो देवी तीर्थयात्रा कोविड-19 दिशानिर्देशों समेत मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का सख्ती से पालन करते हुए सुचारू रूप से जारी है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि वैष्णो देवी तीर्थ यात्रा क्षेत्र में मची भगदड़ में 12 लोगों की मौत हुई है और एक …
कटरा, जम्मू कश्मीर। भगदड़ के बावजूद वैष्णो देवी तीर्थयात्रा कोविड-19 दिशानिर्देशों समेत मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का सख्ती से पालन करते हुए सुचारू रूप से जारी है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। गौरतलब है कि वैष्णो देवी तीर्थ यात्रा क्षेत्र में मची भगदड़ में 12 लोगों की मौत हुई है और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।
जम्मू के संभागीय आयुक्त राघव लंगर ने कहा कि भगदड़ में मारे गए चार लोगों के शवों को उनके मूल स्थानों पर भेज दिया गया है, जबकि बाकी शवों को भेजने की प्रक्रिया जारी है। लंगर ने स्थिति का जायजा लेने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) मुकेश सिंह के साथ वैष्णो देवी मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों के आधार शिविर कटरा का दौरा किया।
लंगर और सिंह जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश के तहत तीर्थस्थल पर भगदड़ की जांच करने के लिए गठित एक उच्च स्तरीय समिति का हिस्सा हैं। प्रमुख सचिव (गृह) इस समिति के अध्यक्ष हैं।
संभागीय आयुक्त ने कटरा में संवाददाताओं से कहा कि (वैष्णो देवी) यात्रा (भगदड़ के बाद) फिर से शुरू हो गई है और सुचारू रूप से चल रही है।” कुप्रबंधन और कोविड-19 दिशानिर्देशों के उल्लंघन की शिकायतों पर अधिकारी ने कहा कि एसओपी के सख्त पालन के साथ यात्रा जारी है।
भगदड़ के कारणों के बारे में लंगर ने कहा कि उपराज्यपाल ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, ”समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है और जांच में प्रगति होने पर विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।” लंगर ने कहा कि प्रशासन और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने अपने प्रियजन से संपर्क करने के इच्छुक यहां आए तीर्थयात्रियों के परिवार के सदस्यों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
संभागीय आयुक्त ने कहा कि सभी शवों की पहचान कर ली गई है और 10 के रिश्तेदारों से संपर्क किया जा चुका है ताकि शवों को उनके गृह नगर भेजा जा सके। उन्होंने कहा, ”हम शवों को पूरे सम्मान के साथ उनके गृहनगर भेज रहे हैं। दो शव पहले ही हरियाणा और राजौरी जिले (जम्मू कश्मीर) के नौशेरा भेजे जा चुके हैं। दो और शव भी दिल्ली भेजे गए हैं।’
संभागीय आयुक्त ने कहा कि सभी घायलों की हालत ‘स्थिर’ है। तीर्थयात्रियों का हाल जानने के लिए समिति के अन्य सदस्यों के साथ अस्पताल गए लंगर ने कहा, ”काकरियाल के माता वैष्णो देवी नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती 15 घायलों में से चार को छुट्टी दे दी गई और बाकी की हालत स्थिर है।” उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराना है। उन्होंने कहा कि सभी घायलों की हालत स्थिर है और डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है।
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