बेन स्टोक्स ने जो रूट का किया समर्थन, कहा- उन्हें इंग्लैंड टीम का कप्तान बने रहना चाहिए

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Edited By Amrit Vichar
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सिडनी। इंग्लैंड के हरफनमौला बेन स्टोक्स ने एशेज श्रृंखला में खराब प्रदर्शन के बाद आलोचना का सामना कर रहे कप्तान जो रूट और कोच सिल्वरवुड का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी कप्तानी करने की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। उन्हें इंग्लैंड टीम का कप्तान बने रहना चाहिए। मौजूदा एशेज श्रृंखला में इंग्लैंड के निराशाजनक प्रदर्शन …

सिडनी। इंग्लैंड के हरफनमौला बेन स्टोक्स ने एशेज श्रृंखला में खराब प्रदर्शन के बाद आलोचना का सामना कर रहे कप्तान जो रूट और कोच सिल्वरवुड का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी कप्तानी करने की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। उन्हें इंग्लैंड टीम का कप्तान बने रहना चाहिए। मौजूदा एशेज श्रृंखला में इंग्लैंड के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद रूट और सिल्वरवुड को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा है। ऑस्ट्रेलिया में खेली जा रही श्रृंखला में  मेहमान टीम 0-3 से पीछे है।

इस दौरान जेफ्री बॉयकॉट, माइकल एथरटन, इयान चैपल और रिकी पोंटिंग ने खराब कप्तानी के लिए रूट  की आलोचना की। इंग्लैंड के उप-कप्तान स्टोक्स ने यहां पत्रकारों से कहा, ”कप्तान बनने की मेरी कभी कोई महत्वाकांक्षा नहीं रही है।” बायें हाथ के बल्लेबाज और दायें हाथ से गेंदबाजी करने वाले इस 30 साल के खिलाड़ी ने  रूट के पितृत्व अवकाश पर जाने के कारण इससे पहले एक टेस्ट में इंग्लैंड का नेतृत्व किया था। साल 2020 में उनकी टीम को इस मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने पिछले साल कोविड-19 के प्रकोप के कारण पूरी टीम के बदलने के बाद पाकिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में टीम का नेतृत्व किया। इंग्लैंड ने इस श्रृंखला को 3-0 से अपने नाम किया था। स्टोक्स ने कहा, ” कप्तानी का मतलब क्षेत्ररक्षण सजावट, टीम चुनना, मैदान के बीच में ही निर्णय लेना है। एक कप्तान वह होता है जिसके लिए आप मैदान में जाकर खेलना चाहते हैं। जो रूट ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके लिए मैं हमेशा खेलना चाहता हूं।”

एशेज के अगले मैच में बुधवार को रूट इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी बन जायेंगे। इससे पहले यह रिकॉर्ड एलिस्टेयर कुक के नाम था जिन्होंने 59 मैचों में टीम का नेतृत्व किया है। रूट बल्ले से शानदार लय में चल रहे है और स्टोक्स ने उनका बचाव करते हुए कहा, ” यह (कप्तानी छोड़ना) पूरी तरह से उनका फैसला होना चाहिये।  उसे ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। मुझे यकीन है कि कुकी (एलिस्टेयर कुक) को भी ऐसा ही लगा होगा। उन्होंने इसे इतने लंबे समय तक कप्तानी की और जब उन्हें पता चला कि उनका समय समाप्त हो गया है, तो उन्होंने इसे छोड़ दिया।”

रूट ने कोच सिल्वरवुड का भी बचाव करते हुए कहा, ” दुर्भाग्य से खराब प्रदर्शन की गाज कप्तान और कोच पर गिरती है लेकिन मैदान में 10 अन्य लोग भी होते हैं।” स्टोक्स ने कहा, ”क्रिस सिल्वरवुड  खिलाड़ियों के सच्चे कोच हैं। वह आपका हर स्तर पर समर्थन करते हैं।”

 

 

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