गरमपानी: खेती को नुकसान पहुंचा रहे जंगली खरगोश
गरमपानी, अमृत विचार। कोरोना और आपदा में भारी नुकसान उठाने के बाद अब पर्वतीय क्षेत्रों में खेती पर जंगली खरगोश का संकट मंडरा गया है। जंगली खरगोश का झुंड मटर की खेती को चौपट कर रहा है। ग्रामीण साड़ियों की घेरबाड़ कर उपज बचाने की जुगत में जुटे हैं। ग्रामीण देर रात तक खेतों में …
गरमपानी, अमृत विचार। कोरोना और आपदा में भारी नुकसान उठाने के बाद अब पर्वतीय क्षेत्रों में खेती पर जंगली खरगोश का संकट मंडरा गया है। जंगली खरगोश का झुंड मटर की खेती को चौपट कर रहा है। ग्रामीण साड़ियों की घेरबाड़ कर उपज बचाने की जुगत में जुटे हैं। ग्रामीण देर रात तक खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं।
समीपवर्ती कमान, बचौड़ी, बजेड़ी, सिमलखा, चापड़, धारी, खैरनी आदि तमाम गांवों में किसान खेतो के चारों ओर साड़ी की घेरबाड़ कर उपज को बचाने में जुटे है। हालात ऐसे है की किसान कड़ाके की ठंड में भी खेतों में पहरा देने को मजबूर हैं। किसानों के अनुसार जंगली खरगोश की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। दलिप बिष्ट, महेंद्र सिंह नेगी, गजेन्द्र सिंह, राजेंद्र सिंह, बालम सिंह आदि किसानों ने शासन प्रशासन से खेतो की सुरक्षा को चाहरदीवारी निर्माण की मांग की है।
