बरेली: पुरातन छात्र, सेवानिवृत्त शिक्षक और अधिकारी बदलेंगे स्कूलों की तस्वीर

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बरेली,अमृत विचार। बेसिक के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। इन स्कूलों में बेहतर गुणवत्ता युक्त शिक्षण सामग्री और जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्रों का सहारा लिया जाएगा। इसके तहत विद्यालयों को प्रवासी भारतीय स्वयं सेवक, विद्यालय के पूर्व छात्र, …

बरेली,अमृत विचार। बेसिक के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। इन स्कूलों में बेहतर गुणवत्ता युक्त शिक्षण सामग्री और जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्रों का सहारा लिया जाएगा। इसके तहत विद्यालयों को प्रवासी भारतीय स्वयं सेवक, विद्यालय के पूर्व छात्र, सेवारत और सेवानिवृत्त शिक्षक, सरकारी अधिकारी व अन्य की सूची तैयार कर जोड़ा जाएगा।

बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित परिषदीय विद्यालयों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य को लेकर केंद्र सरकार ने विद्यांजलि 2 कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके तहत सामुदायिक व निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से स्कूलों की सूरत बदलने की तैयारी है। जिले में कुल 2482 परिषदीय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में संसाधन और शैक्षिक स्तर सुधार के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

इसके लिए बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ. सवेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने बीते 28 दिसंबर 2021 को प्रदेश के सभी बीएसए को जारी पत्र में इसके क्रियान्वयन का निर्देश दिया है। इस दिशा में शुरुआती तौर पर पुरातन छात्रों का ब्योरा विभाग ने सूचीबद्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

 जुड़ने वालों का वेबसाइट पर होगा पंजीकरण
विद्यांजलि-2 कार्यक्रम के लिए दो कार्य क्षेत्र रहेंगे। एक क्षेत्र में विद्यालयों की सेवा व गतिविधियों में भाग ले सकेंगे, जबकि दूसरे क्षेत्र में संपत्ति सामग्री, उपकरण आदि के माध्यम से स्वयं सेवक विद्यालयों को सुदृद्द करने का कार्य कर सकते हैं। विद्यालयों से जुड़ने वाले स्वयं सेवकों का विद्यांजलि-2 की वेबसाइट पर पंजीकरण कराया जाएगा। इसके बाद वह स्कूलों को अपना सहयोग प्रदान कर सकेंगे।

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