बरेली: दिल्ली में कांग्रेसियों के धरना देने पर भी ऊषा गंगवार को नवाबगंज का टिकट

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बरेली/नवाबगंज,अमृत विचार। संगठन के लोगों को दरनिकार करते हुए कांग्रेस के हाईकमान ने तीन दिन पहले कांग्रेस की सदस्यता लेने वाली ऊषा गंगवार को नवाबगंज से अपना प्रत्याशी घोषित किया है। वही संगगन के लोगों को टिकट न मिलने पर पार्टी में विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस में ऊषा को टिकट से दूसरे दावेदारों का …

बरेली/नवाबगंज,अमृत विचार। संगठन के लोगों को दरनिकार करते हुए कांग्रेस के हाईकमान ने तीन दिन पहले कांग्रेस की सदस्यता लेने वाली ऊषा गंगवार को नवाबगंज से अपना प्रत्याशी घोषित किया है। वही संगगन के लोगों को टिकट न मिलने पर पार्टी में विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस में ऊषा को टिकट से दूसरे दावेदारों का गणित खराब हो गया है।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा गंगवार भाजपा से विधायक रहे केसर सिंह गंगवार की पत्नी हैं। इससे पहले भी वह 2012 में बसपा के टिकट से विधानसभा का चुनाव लड़ चुकी हैं। ऊषा गंगवार ने बेटे व पूर्व ब्लाक प्रमुख धर्मेंद्र सिंह के साथ सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस की सदस्यता ली थी।

ऊषा गंगवार का कहना है कि मैने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी व उनके नारे लड़की हूं, लड़ सकती हूं से प्रेरित होकर कांग्रेस की सदस्यता ली थी। जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने बताया कि पार्टी ने पूरी ईमानदारी के साथ और कार्यकर्ताओं का सम्मान रखते हुऐ प्रत्याशियों की घोषणा की है। जो दूसरे दलों से कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए उनका भी सम्मान रखा है।

अगर किसी पदाधिकारी, कार्यकर्ता के सम्मान को ठेस पहुंची है तो उनसे बात की जायेगी। पार्टी में सभी का सम्मान है। हाईकमान ने जो भी निर्णय लिया है वह बहुत ही सोच समझ कर लिया होगा। सभी लोग अपने गिले-शिकवे भुलाकर घोषित हुए प्रत्याशियों के लिए लग जाए। अगर किसी को नाराजगी है तो बातें हम बैठकर हल करेंगे। जब परिवार बड़ा होता है तो खट खट भी होती है, लेकिन परिवार छोड़कर कोई नहीं जायेगा।

एक बार फिर आमने-सामने होंगे भगवत-ऊषा
2012 में ऊषा गंगवार बसपा से और भगवत सरन गंगवार सपा से आमने सामने थे जिसमें ऊषा गंगवार को शिकस्त का सामना करना पड़ा था। 14 फरवरी को सम्पन्न होने बाले विधानसभा चुनाव में एक बार फिर ऊषा गंगवार कांग्रेस व भगवत सरन गंगवार सपा से फिर आमने सामने होगें।

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