उत्तराखंड: पहाड़ों पर हिमपात… मैदान में बारिश… पारा धड़ाम
हल्द्वानी/नैनीताल/भवाली, अमृत विचार। पश्चिमी विक्षोभ पूरी तरह से सक्रिय होने पर रविवार को मौसम पूरी तरह बदल गया। नैनीताल और मुक्तेश्वर में ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ तो भवाली, भीमताल, कैंची आदि इलाकों में रविवार तड़के से ही लगातार बारिश होती रही। मैदानी इलाकों में रिमझिम बारिश हुई। हिमालयी राज्यों में बर्फबारी और बारिश …
हल्द्वानी/नैनीताल/भवाली, अमृत विचार। पश्चिमी विक्षोभ पूरी तरह से सक्रिय होने पर रविवार को मौसम पूरी तरह बदल गया। नैनीताल और मुक्तेश्वर में ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ तो भवाली, भीमताल, कैंची आदि इलाकों में रविवार तड़के से ही लगातार बारिश होती रही। मैदानी इलाकों में रिमझिम बारिश हुई। हिमालयी राज्यों में बर्फबारी और बारिश से तापमान गिर गया है। शीतलहर से ठिठुरन बढ़ गई है।
सरोवर नगरी में रविवार को मौसम का छठवां हिमपात हुआ। नगर की सबसे ऊंची चोटी नैना पीक व टिफिन टॉप समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों हिमालय दर्शन, अयारपाटा, बारापत्थर, स्नोव्यू में हुई बर्फबारी का पर्यटकों ने आनंद उठाया। हालांकि बाजार और अन्य निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अभी बर्फबारी का इंतजार है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का आनंद लेने के लिए पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहा। दिनभर में रुक-रुक कर बारिश होती रही, इसके बावजूद ठंड की परवाह किए बिना पर्यटक ऊंचाई वाले स्थलों पर पहुंचे और बर्फबारी का जमकर आनंद लिया। हिमालय दर्शन क्षेत्र में करीब चार इंच बर्फबारी हुई।

पर्यटक वाहनों की संख्या ज्यादा होने के चलते पुलिस ने रविवार सुबह 11 बजे के बाद नैनीताल-पंगूट मोटर मार्ग पर बारापत्थर के पास बैरियर लगाकर वाहनों के प्रवेश को रोक दिया। नैनी झील में रविवार शाम तक तेज लहरें उठती रहीं, हालांकि नगर में दिनभर बरसात होने के बाद भी नौका विहार के शौकीन पर्यटक नैनी झील में नौका विहार का आनंद लेते नजर आए।
मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी प्रताप सिंह बिष्ट के मुताबिक नैनीताल का अधिकतम तापमान 4.6 तथा न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। नैनी झील नियंत्रण कक्ष के प्रभारी रमेश सिंह गैड़ा ने बताया कि झील का जलस्तर 9 फीट डेढ़ इंच पर स्थिर बना हुआ है। इधर, हल्द्वानी में सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं की वजह से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। दोपहर के समय थोड़ी देर के लिए बारिश रूकी लेकिन उसके बाद बारिश होने से ठंड कम नहीं हुई। शीतलहर से लोग ठंड से बेहाल रहे। रविवार और खराब मौसम होने की वजह से सड़कों पर भी कम चहल पहल रही।
मौसम विभाग के अनुसार अभी जल्द ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। 24 जनवरी से मौसम सही होने के आसार हैं, लेकिन पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी की वजह से शीतलहर चलती रहेगी। अनुमान है कि जनवरी के बाकी के दिन भी कड़ाके की ठंड में गुजारना होगा।
