रुद्रपुर: राहुल गांधी ने किसानों पर कुछ ऐसे बरसाया प्यार, पीएम मोदी पर जमकर बोला हमला
मनीष तिवारी, अमृत विचार, रुद्रपुर। तराई के किसानों के दिल में उतरने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पूरी तैयारी से किच्छा पहुंचे। उन्होंने जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया तो वहीं किसानों पर प्यार बरसाते रहे। इस दौरान किसानों ने राहुल गांधी के पक्ष और समर्थन में नारे भी लगाए। कांग्रेस …
मनीष तिवारी, अमृत विचार, रुद्रपुर। तराई के किसानों के दिल में उतरने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पूरी तैयारी से किच्छा पहुंचे। उन्होंने जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया तो वहीं किसानों पर प्यार बरसाते रहे। इस दौरान किसानों ने राहुल गांधी के पक्ष और समर्थन में नारे भी लगाए।
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत किसान आंदोलन से की जिसमें उन्होंने एक साल तक प्रधानमंत्री तक अपनी बात नहीं रख पाने से खफा किसानों को सीधी बात कर सकने वाली सरकार लाने का वादा किया। राहुल गांधी ने कहा कि देश का अन्नदाता महंगाई, कर्ज से मर रहा है जबकि मोदी सरकार को कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भले ही कांग्रेस खत्म हो जाएगी, लेकिन कोरोना और ठंड में किसानों को सड़क पर खड़ा नहीं रख सकती।
भाषण के बाद क्या बोले किसान और मजदूर
एक साल हमारे दर्द को राहुल गांधी ने समझा है। हमें अच्छा लगा कि उन्होंने कांग्रेस खत्म हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं कर पाएगी वाली बात कही। – सुरजीत सिंह, किसान
राहुल गांधी ने सरकार में पार्टनर बनाकर किसानों, गरीबों और मजदूरों का मान बढ़ाया है। हमारे अंदर उत्साह भरा है। – दारोगा सिंह, मजदूर
सरकार से जब किसान व मजदूर सीधी बात कर सकेंगे तो आंदोलन की तो जरूरत ही नहीं पड़ेगी। राहुल गांधी ने इस विचार को रखकर हममें ऊर्जा भर दी। – गणेश चंद्र पाठक, मजदूर
कर्जा हमारी परिस्थिति के कारण लेना पड़ता है। हम उसकी माफी की मांग भी बेबसी में करते हैं। जो नेता इसे समझेगा, हम उसके साथ हैं। – संजय कुमार, मजदूर
एक हिंदुस्तान होगा तो सभी को समान हक होंगे और सभी का सम्मान होगा। लेकिन देश में ऐसा नहीं है। अमीर दुत्कारता है और गरीब सिर्फ सहता है। – सुबेग सिंह, युवा किसान
घोषणापत्र में जिन-जिन बातों को राजनैतिक दल शामिल करते हैं। उसको पूरा करने वाली पार्टी का ही साथ देंगे। हमें खोखले वादे नहीं, सच्ची बात करने वाली सरकार चाहिए। – सुरजीत सिंह, किसान
