हल्द्वानी: समाज के आदर्श नेताओं ने तार-तार की आचार संहिता
सर्वेश तिवारी, अमृत विचार, हल्द्वानी। समाज का प्रतिनिधित्व करने, विकास करने और समाज में एक बेहतर आदर्श पेश करने वाले नेताओं ने आदर्श आचार संहिता कानून का मजाक बना कर रख दिया है और इस मामले में ऊधमसिंह नगर जिले के नेता पूरे कुमाऊं में टॉप पर हैं। इस मामले में नैनीताल जिले के नेता …
सर्वेश तिवारी, अमृत विचार, हल्द्वानी। समाज का प्रतिनिधित्व करने, विकास करने और समाज में एक बेहतर आदर्श पेश करने वाले नेताओं ने आदर्श आचार संहिता कानून का मजाक बना कर रख दिया है और इस मामले में ऊधमसिंह नगर जिले के नेता पूरे कुमाऊं में टॉप पर हैं। इस मामले में नैनीताल जिले के नेता भी पीछे नहीं हैं।
इस जिले के कुछ नेता तो बाहुबल के बूते ही चुनाव जीतने पर आमादा हैं। आचार संहिता के अलावा ये नेता और इनकी फौज कोविड प्रोटोकॉल का भी मखौल उड़ा रही है। जबकि राज्य महामारी की मार से अभी तक उबर नहीं पाया है और कोरोना की एक और लहर कभी भी दस्तक दे सकती है।
बहरहाल, आचार संहिता उल्लंघन के ऊधमसिंह नगर जिले में कुल 32 मामले दर्ज किए हैं। ये सभी मामले प्रत्याशियों के नाम पर दर्ज हैं। चूंकि इसके उल्लंघन पर सजा बेहद मामूली है तो इसका खुलेआम मखौल उड़ाया जा रहा है। जबकि नैनीताल जिले की बात करें तो ऊधमसिंह नगर के बाद ये जिला कुमाऊं में दूसरे नंबर है।
यहां आचार संहिता उल्लंघन के कुल 10 मामले दर्ज किए हैं। इसके अलावा पिथौरागढ़ जिला, नैनीताल जिले के साथ संयुक्त रूप से कुमाऊं में दूसरे स्थान पर है। यहां भी आचार संहिता उल्लंघन के 10 मामले दर्ज हैं। कोरोना महामारी प्रोटोकॉल का भी चुनाव में खुला मजाक उड़ाया जा रहा है और इस मामले में नैनीताल जिला अव्वल है। जबकि ऊधमसिंहनगर दूसरे और बागेश्वर तीसरे स्थान पर है। खास बात तो यह है कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी और समर्थक मास्क का प्रयोग भी नहीं कर रहे हैं और ये लापरवाही सबसे ज्यादा ऊधमसिंह नगर में देखी जा रही है।
मास्क ना पहनने पर यूएस नगर टॉप पर, नैनीताल दूसरे नंबर पर
हल्द्वानी। चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी और समर्थक सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन तो कर ही रहे हैं। साथ ही मास्क का प्रयोग भी नहीं कर रहे। इस लापरवाही की वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। आदर्श आचार संहिता लगने के बाद ऊधमसिंहनगर जिले में मास्क न पहनने के 371 मामले सामने आए। जबकि कुमाऊं में दूसरे पायदान पर जमे नैनीताल जिले में 279 मामले पुलिस ने दर्ज किए। इसके अलावा अल्मोड़ा में 46, पिथौरागढ़ में 13, बागेश्वर में 163 और चम्पावत में 23 मामले प्रकाश में आए हैं।
नैनीताल जिले में नहीं रखा जा रहा सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान
हल्द्वानी। प्रचार के दौरान प्रत्याशी और समर्थक सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रख रहे हैं और इस कानून का सबसे ज्यादा उल्लंघन नैनीतील जिले में किया जा रहा है। इसको लेकर नैनीताल जिले में अब तक 2802 मामले सामने आए हैं और संख्या के साथ नैनीताल जिला कुमाऊं के अन्य जिलों में सबसे आगे है। वहीं ऊधमसिंहनगर 875 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा अल्मोड़ा जिले में 313 मामले दर्ज किए गए। पिथौरागढ़ 75, चम्पावत 33 और बागेश्वर 710 मामलों के साथ कुमाऊं में तीसरे स्थान पर है।
चुनाव में महामारी एक्ट के इतने मामले दर्ज
ऊधमसिंहनगर 32
नैनीताल 03
अल्मोड़ा 01
पिथौरागढ़ 06
चम्पावत 01
बागेश्वर 0
आचार संहिता उल्लंघन के दर्ज हुए इतने मामले
ऊधमसिंह नगर 32
नैनीताल 10
अल्मोड़ा 01
पिथौरागढ़ 10
बागेश्वर 1
चम्पावत 3
