हल्द्वानी: चित्कार उठा कलेजा, जब एक साथ बद्रीपुरा पहुंचे तीन दोस्तों के शव
हल्द्वानी, अमृत विचार। सोमवार की रात हुए भीषण सड़क दुर्घटना में मौत की खबर से बद्रीपुरा में कोहराम मचा था। तीनों दोस्तों के शव सोमवार को जब मोहल्ले में पहुंचे तो कलेजा चित्कार उठा, जिस जुबान से मां कभी बेटे को नए-नए नामों से पुकारती थी, उन पर विलाप के सिवा कुछ नहीं था। आंखों के …
हल्द्वानी, अमृत विचार। सोमवार की रात हुए भीषण सड़क दुर्घटना में मौत की खबर से बद्रीपुरा में कोहराम मचा था। तीनों दोस्तों के शव सोमवार को जब मोहल्ले में पहुंचे तो कलेजा चित्कार उठा, जिस जुबान से मां कभी बेटे को नए-नए नामों से पुकारती थी, उन पर विलाप के सिवा कुछ नहीं था। आंखों के आंसू रुक नहीं रहे थे। चीख-पुकार के बीच भी हर किसी का ह्रदय मातमी सन्नाटे से जद्दोजहद कर रहा था और कह रहा था कि हे भगवान ये तूने क्या किया…।
चार दोस्तों की मौत का ये हृदयविदारक वाक्या सोमवार आधी रात का है। पीलीकोठी मुखानी निवासी अक्षय आहूजा (24) पुत्र महेश आहूजा, पांडेय निवास बद्रीपुरा निवासी चित्रेश गुप्ता (19) पुत्र राजेश गुप्ता, बद्रीपुरा निवासी कार्तिक जोबाल (22) पुत्र राजेंद्र सिंह डोबाल, बद्रीपुरा निवासी प्रियांशु बिष्ट पुत्र तारा सिंह बिष्ट व नवाबी रोड निवासी प्रियांशु बिष्ट पुत्र तारा सिंह बिष्ट आपस में दोस्त हैं। इनमें से चित्रेश, कार्तिक और प्रियांशु एक ही मोहल्ले में रहते हैं। बताया जाता है कि सोमवार की शाम पांचों दोस्त कार में सवार होकर निकले थे और घर में यह कहकर गए थे कि घूमने जा रहे हैं, लेकिन देर रात तक पांचों घर नहीं लौटे।
घर कुछ लौटी तो हादसे की खबर, जिसने सबको झकझोर दिया। देर रात पांच कार सवार दोस्त हल्द्वानी से चोरगलिया की ओर जा रहे थे। बताया जाता है कि कार सवार दोस्त अभी हल्द्वानी-चारगलिया रोड स्थित कुंवरपुर के पास ही पहुंचे थे कि तभी कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। कार की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि उसे कंट्रोल भी नहीं किया जा सका और कार का पिछला हिस्सा सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गया। जिसके बाद तेज रफ्तार कार कुछ दूरी पर स्थित एक रेस्टोरेंट में जा घुसी। सूचना मिलते ही काठगोदाम पुलिस मौके पर पहुंच गई। कार बुरी तरह छतिग्रस्त हो चुकी थी और सभी कार में फंस चुके थे। सभी को कार से निकाल कर पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने अक्षय आहूजा, चित्रेश गुप्ता, कार्तिक डोबाल और प्रियांशु बिष्ट को मृत घोषित कर दिया।
मंगलवार को पुलिस ने चारों दोस्तों का पोस्टमार्टम करवाकर शव उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिए, जिसके बाद तीन दोस्तों के शव एक साथ बद्रीपुरा पहुंचे। यहां पहले से लोगों का मजमा लगा था और जैसे ही शव मोहल्ले में पहुंचे तो कोहराम मच गया।
हाल ये था कि गमगीन घर की महिलाओं को संभालना मुश्किल हो गया, जिसके बाद शव को जल्द से जल्द घाट ले जाने का फैसला लिया गया। कार्तिक और प्रियांशु के शवों का अंतिम संस्कार रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट में किया गया, जबकि अक्षय और चित्रेश का अंतिम संस्कार राजपुरा घाट में हुआ। बताया जा रहा है कि पांचवे दोस्त कमलेश को परिजनों ने प्राथमिक उपचार के बाद निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मंगलवार को भी उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई थी।
अच्छे घरों से ताल्लुक रखते हैं चारों दोस्त
हल्द्वानी। सड़क हादसे में मृत चारों दोस्त अच्छे घरों से ताल्लुक रखते हैं। अक्षय के पिता महेश का साइकिल स्टोर है और वह साइकिल के होल सेलर हैं। जबकि चित्रेश के पिता राजेश गुप्ता की मीरा मार्ग में किराना कारोबार है। कार्तिक डोबाल का ठंडी सड़क पर वुफेल हट रेस्टोरेंट हैं और प्रियांशु पॉलीटेक्निक का छात्र था। व्यापारी पुत्रों की मौत से व्यापारियों में शोक की लहर है और इनके अंतिम संस्कार में तमाम व्यापारी पहुंचे।
दो बहनों के बीच इकलौता भाई था अक्षय
हल्द्वानी। अक्षय की दो बहनें है और वह अपनी बहनों का इकलौता भाई था। परिवार में एक ही पुत्र होने की वजह से अक्षय सबको प्यारा था, खासतौर से अपनी बहनों को। मंगलवार को जब अक्षय का शव उसके घर पहुंचा तो परिवार फूट-फूट कर रोने लगा। परिवार कभी भगवान को मौत के लिए कसूरवार ठहराता तो कभी हाथ फैला कर बेटे को लौटा देने की गुजारिश करता। इकलौते बेटे के जाने से बेहाल परिवार को संभालना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था।
