रुद्रपुर: यूक्रेन संकट के बीच जिला प्रशासन भी अलर्ट
रुद्रपुर, अमृत विचार। यूक्रेन में फंसे ऊधमसिंह नगर व आसपास के छात्र अब दहशत में आ गए हैं। बम धमाकों की आवाज सुनने के बाद उन्हें अब असुरक्षा को लेकर डर सताने लगा है। रूस के तेवर जैसे-जैसे सख्त हो रहे हैं, इन छात्रों की चिंता बढ़ती जा रही है। फिलहाल वे भारत से सुरक्षा …
रुद्रपुर, अमृत विचार। यूक्रेन में फंसे ऊधमसिंह नगर व आसपास के छात्र अब दहशत में आ गए हैं। बम धमाकों की आवाज सुनने के बाद उन्हें अब असुरक्षा को लेकर डर सताने लगा है। रूस के तेवर जैसे-जैसे सख्त हो रहे हैं, इन छात्रों की चिंता बढ़ती जा रही है। फिलहाल वे भारत से सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं और युद्ध छिड़ने पर जरूरी घरेलू सामानों को लेकर होने वाली समस्या से निपटने के लिए इंतजाम करने में भी जुट गए हैं।
यूक्रेन पर रूस द्वारा हमला करने के बाद रुद्रपुर व आसपास के 10 से अधिक छात्र वहां फंस गए हैं। उधर, हमले के बाद यूक्रेन में बस, ट्रेन व हवाई सेवा भी बाधित हो गई है। जिससे इन छात्रों के परिजनों की चिंता बढ़ गयी है। छात्रों के परिजन उनके व वहां के हालात सुधरने की दुआ मांग रहे हैं।
यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे रुद्रपुर के प्रीत विहार निवासी जावेद ने बताया कि उनके साथ रुद्रपुर व आसपास के 10 से अधिक छात्र हैं। बुधवार को रूस के हमले के बाद यहां के हालात काफी खराब हो गए हैं। वह लोग भी यहां फंस गए हैं। बस, ट्रेन और सभी हवाई सेवा सब बंद हो गई हैं। हमले के बाद एयर इंडिया की फ्लाइट के वापस चले जाने के बाद छात्रों को डर और सताने लगा है।
पोलैंड और हंगरी पहुंचकर सुरक्षित होना चाहते हैं भारतीय छात्र
रुद्रपुर। यूक्रेन में फंसे रुद्रपुर प्रीत विहार के रहने वाले छात्र जावेद ने बताया कि वे लोग पोलैंड या हंगरी के बॉर्डर से आधे घंटे की दूरी पर हैं। अगर भारत सरकार उन लोगों को वहां जाने के लिए वीजा की व्यवस्था कर दे तो वे लोग यूक्रेन के नागरिकों की तरह वहां जाकर सुरक्षित स्थान ढूंढ सकेंगे। बताया कि इसके लिए वे लोग प्रयास कर रहे हैं और भारतीय दूतावास से भी संपर्क करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
यूक्रेन संकट के बीच जिला प्रशासन भी अलर्ट
जिलाधिकारी युगल किशोर पंत ने बताया कि यदि जिले के कोई परिजन (भारतीय नागरिक) यूक्रेन में निवासरत है, उनका नाम, मोबाईल नंबर, ई-मेल, पासपोर्ट नंबर आदि विवरण सहित सूचना आपातकालीन नंबर- 112 में उपलब्ध करायें ताकि उनकी सुरक्षा और कुशलक्षेम के लिए शासन से वार्ता कर विदेश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अग्रेत्तर कार्यवाही की जा सकें।
