डीडीएमए ने पाबंदियां हटाईं, व्यापारियों को घाटे की भरपाई होने की उम्मीद बंधी
नई दिल्ली। कोविड-19 के कारण लगाई गई पाबंदियां हटाने के दिल्ली सरकार के फैसले के बाद राष्ट्रीय राजधानी के कई बाजार संघों को उम्मीद बंधी है कि उनका व्यापार फिर पटरी पर आ जाएगा। उप राज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता वाले दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में रात्रिकालीन कर्फ्यू सहित …
नई दिल्ली। कोविड-19 के कारण लगाई गई पाबंदियां हटाने के दिल्ली सरकार के फैसले के बाद राष्ट्रीय राजधानी के कई बाजार संघों को उम्मीद बंधी है कि उनका व्यापार फिर पटरी पर आ जाएगा। उप राज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता वाले दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में रात्रिकालीन कर्फ्यू सहित कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियां सोमवार से हटाने का फैसला किया था।
मास्क नहीं पहनने पर लगने वाला जुर्माना दो हजार रुपये से घटा कर 500 रुपये कर दिया गया था। इस बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि दिल्ली के स्कूलों में अब ‘हाइब्रिड’ माध्यम (ऑनलाइन और ऑफलाइन) से पढ़ाई नहीं होगी और सभी स्कूल एक अप्रैल से पूरी तरह खुलेंगे।
सरोजिनी नगर मिनी मार्केट कारोबारी संघ के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने कहा कि रात्रिकालीन कर्फ्यू हटाया गया जो सबसे बड़ी राहत की बात है। उन्होंने कहा कि रात का कर्फ्यू हटने से हमें व्यवसाय के लिए और समय मिलेगा। साप्ताहिक दिनों में ज्यादातर ग्राहक अपने दफ्तर के बाद खरीदारी करने आते हैं।
पाबंदियों के वक्त बाजार रात आठ बजे बंद हो जाते थे और लोग खरीदारी करे बगैर लौट जाते थे। जनपथ बाजार कारोबारी संघ के सचिव टोनी चावला ने कहा कि जनपथ बाजार में पर्यटक आते हैं और अब राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही से हमारे व्यवसाय फिर पटरी पर आ जाएंगे। कमला नगर बाजार कारोबारी संघ के अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने भी सरकार के कदम का स्वागत किया।
ये भी पढ़े-
यूक्रेन से लौटने वाले नागरिकों के टिकट का खर्च उठाएगी राजस्थान सरकार: अशोक गहलोत
