हार कर भी जीत गए पुष्कर सिंह धामी, होंगे उत्तराखंड के अगले मुख्यमंत्री

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देहरादून, अमृत विचार। आखिरकार जिसका इंतजार पिछले 10 मार्च से था वह घड़ी आ ही गई। तमाम कयासों के बीच मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर  सिंह धामी के नाम पर मुहर लग गई। उत्तराखंड में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई भाजपा ने विधायक दल का नेता चुन ही लिया। भाजपा विधायक मंडल दल …

देहरादून, अमृत विचार। आखिरकार जिसका इंतजार पिछले 10 मार्च से था वह घड़ी आ ही गई। तमाम कयासों के बीच मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर  सिंह धामी के नाम पर मुहर लग गई। उत्तराखंड में प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई भाजपा ने विधायक दल का नेता चुन ही लिया। भाजपा विधायक मंडल दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में पुष्कर सिंह धामी का ऐलान कर दिया।

बैठक में विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी समेत नवनिर्वाचित विधायक मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार 22 मार्च को देहरादून में झंडा जी का मेला है, इस कारण कानून व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को देखते हुए 23 मार्च को शपथ ग्रहण समारोह करने की तैयारी चल रही है।

इससे पहले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चल रहे सस्पेंस के बीच रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। जिसमें नई सरकार के गठन पर मंथन किया गया। बैठक में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महासचिव बीएल संतोष और चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी के अलावा प्रदेश के निवर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निंशक, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के लिए इन नामों की थी चर्चा
नए मुख्यमंत्री के लिए कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का नाम चर्चाओं में सबसे आगे था। इसके अलावा राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी, ऋतु खंडूड़ी, पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट, भगत सिंह कोश्यारी के नाम चर्चाओं में बने रहे। बताते चलें कि पुष्कर सिंह धामी को खटीमा विधानसभा सीट से कांग्रेस के भुवन कापड़ी ने करारी शिकस्त दी थी। इस चुनाव में भुवन कापड़ी को 44 हजार 479 वोट मिले जबकि मुख्यमंत्री धामी को केवल 37245 वोट मिल सके। जिसके बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर कयासों का बाजार गर्म था।

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