उत्तराखंड: मुख्यमंत्री तो बन गए पुष्कर सिंह धामी, अब छह महीने में विधायक बनने की चुनौती
हल्द्वानी, अमृत विचार। पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री बन गए हैं लेकिन वह विधायक नहीं हैं। उनको छह माह के अंदर विधानसभा में सदस्यता लेनी होगी। ऐसे में उनको उपचुनाव लड़ना होगा। अभी तक तीन भाजपा विधायकों ने खुलकर धामी के लिए अपनी सीट छोड़ने का एलान किया है। अभी यह देखना बाकी है कि धामी …
हल्द्वानी, अमृत विचार। पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री बन गए हैं लेकिन वह विधायक नहीं हैं। उनको छह माह के अंदर विधानसभा में सदस्यता लेनी होगी। ऐसे में उनको उपचुनाव लड़ना होगा। अभी तक तीन भाजपा विधायकों ने खुलकर धामी के लिए अपनी सीट छोड़ने का एलान किया है। अभी यह देखना बाकी है कि धामी किस सीट पर चुनाव लड़ने जाएंगे।
लालकुआं विधानसभा सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को एकतरफा हराने वाले मोहन सिंह बिष्ट पहले ही एलान कर चुके हैं कि अगर धामी मुख्यमंत्री बनते हैं तो वह अपनी सीट छोड़ देंगे। लालकुआं सीट पर भाजपा का प्रदर्शन भी शानदार रहा था। इस सीट पर हर राउंड के नतीजे में रावत चुनाव हारे थे। उन्हें 45934 वोट मिले थे। हरीश रावत को केवल 28575 वोट मिले थे। यह सीट भी धामी के लिए सुरक्षित मानी जा रही है।
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इधर, चंपावत के विधायक कैलाश गहतोड़ी भी धामी के लिए अपनी सीट छोड़ने का प्रस्ताव रख चुके हैं। भाजपा प्रत्याशी को 31894 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस प्रत्याशी हेमेश खर्कवाल को 26595 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा था। इसके अलावा कपकोट से भाजपा विधायक सुरेश गड़िया को 30278 वोट मिले थे। उनके विरोधी कांग्रेसी प्रत्याशी ललित फर्सवाण को 26295 वोट पड़े थे। गड़िया भी कह चुके हैं कि धामी के लिए वह कपकोट सीट छोड़ सकते हैं। अब देखना यह है कि धामी किस सीट से चुनाव लड़ते हैं। बताते चलें कि पुष्कर सिंह धामी को खटीमा विधानसभा सीट से कांग्रेस के भुवन कापड़ी ने करारी शिकस्त दी थी। इस चुनाव में भुवन कापड़ी को 44 हजार 479 वोट मिले जबकि मुख्यमंत्री धामी को केवल 37245 वोट मिल सके।
