हल्द्वानी: रामगढ़ में आई दैवीय आपदा की होगी मजिस्ट्रेट जांच
हल्द्वानी, अमृत विचार। जिला प्रशासन ने बीते साल अक्टूबर में अतिवृष्टि से आई आपदा के मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिये हैं। नैनीताल के संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन को जांच अधिकारी बनाया गया है। जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि पिछले साल 19 अक्टूबर को नैनीताल में हुई अतिवृष्टि से रामगढ़ तहसील के …
हल्द्वानी, अमृत विचार। जिला प्रशासन ने बीते साल अक्टूबर में अतिवृष्टि से आई आपदा के मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिये हैं। नैनीताल के संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन को जांच अधिकारी बनाया गया है।
जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि पिछले साल 19 अक्टूबर को नैनीताल में हुई अतिवृष्टि से रामगढ़ तहसील के सकुना पट्टी गांव में भूस्खलन से परमानंद पुत्र प्रेम बल्लभ के मकान में रह रहे बिहार के नौ श्रमिकों मलबे में दब गये थे। एनडीआरएफ टीम ने सात मजदूरों के शव को रेस्क्यू कर लिया था, जबकि दो मजदूर लापता हो गए थे। इनको काफी ढूंढने के बाद भी इनका पता नहीं चला था। वहीं, झूतिया पट्टी में अतिवृष्टि से मकाल ढह जाने से एक महिला की मृत्यु हो गई थी।
इस आपदा में एक अन्य ग्रामीण भी लापता हुआ था। उन्होंने कहा कि इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिये हैं। इस प्रकरण के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट प्रतीक जैन को जांच अधिकारी नामित किया है।
एसडीएम प्रतीक जैन ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस घटना के संबंध में कोई सूचना देना चाहता है। इस घटना से जुड़ी किसी भी बात की जानकारी देना चाहता है तो वह 15 दिनों में लिखित, मौखिक रूप और पंजीकृत डाक से भी दे सकता है। वह साक्ष्य या प्रमाण पत्र भी उपलब्ध करा सकता है।
