लखनऊ: पीजीआई की जिस नर्स ने मरीजों की सेवा में लगा दिए जीवन के 15 साल, समय पर उसको ही नहीं मिला संस्थान में इलाज

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लखनऊ। राजधानी के एसजीपीजीआई में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया। यहां पर काम करने वाली एक नर्स को ही इलाज के लिए करीब छह घंटे भटकना पड़ा है, यहां के डॉक्टरों ने अपने ही विभाग में काम करने वाली नर्स को तब तक इलाज देना मुनासिब नहीं समझा, जब तक कि उनकी हालत …

लखनऊ। राजधानी के एसजीपीजीआई में प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया। यहां पर काम करने वाली एक नर्स को ही इलाज के लिए करीब छह घंटे भटकना पड़ा है, यहां के डॉक्टरों ने अपने ही विभाग में काम करने वाली नर्स को तब तक इलाज देना मुनासिब नहीं समझा, जब तक कि उनकी हालत न बिगड़ गई।

हद तो तब हो गई जब साथी नर्स की जान बचाने के लिए दूसरी नर्स ने मानवतावश मरीज को वार्ड में खाली पड़े बेड पर लिटा लिया, अब बीमार नर्स की मदद करने वाली नर्स सीमा शुक्ला से प्रशासनिक अधिकारी जवाब तलब कर रहे हैं।

आए दिन पीजीआई में बाहर से आए मरीजों को भर्ती मिलने में दिक्कत आती है, पीजीआई प्रशासन की तरफ से सफाई यह दी जाती है कि यहां पर बेड की कमी है। लेकिन यहां पर काम करने वाले लोगों को भी कई बार इलाज मिल पाना काफी कठिन होता है।

दरअसल, बीते मंगलवार को एसजीपीजीआई के सीवीटीएस विभाग की आईसीयू में कार्यरत नर्स रेनू की तबीयत खराब हो जाती है, उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। आनन-फानन में परिजन उन्हें पल्मोनरी विभाग की ओपीडी लेकर पहुंचते हैं, लेकिन मंगलवार को ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं मिलता है।

बताया यह जाता है कि मंगलवार को विभाग का एक कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें डॉक्टर व्यस्त थे, इस वजह से ओपीडी में कोई नहीं था, इस दौरान बीमार नर्स के साथ मौजूद लोगों ने सीवीटीएस विभाग के डॉक्टर को भी फोन कर मरीज को भर्ती कराने की गुहार लगाई, लेकिन वहां पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई, इसी दौरान एसजीपीजीआई के नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा शुक्ला को बीमार नर्स की जानकारी मिली और उन्होंने साथी नर्स की जान बचाने के उद्देश्य से पल्मोनरी वार्ड में खाली पड़े बेड पर लिटा दिया।

बताया जा रहा है कि बस इतनी सी बात पर विभाग के अधिकारी नाराज हो बैठे और आगे से ऐसा न करने की हिदायत दे डाली। नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा शुक्ला के मुताबिक कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी, साथी नर्स की हालत बिगड़ रही थी, इस वजह से वार्ड में बेड पर मरीज को लिटा दिया गया था।

उन्होंने बताया कि बीमार नर्स को कोई इलाज नहीं मिल रहा था। यदि ऐसे में मदद ना की जाती तो हालत और खराब हो सकती थी, उन्होंने कहा कि काफी कोशिश के बाद मरीज को मंगलवार रात 9 बजे भर्ती मिली और इलाज दिया जा रहा है। नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा शुक्ला ने इस मामले में पीजीआई निदेशक से शिकायत करने की बात कही है।

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