रामनगर: ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) जसबीर सिंह बरार का हृदय गति रुकने से निधन
रामनगर, अमृत विचार। निकटवर्ती ग्राम देवीपुर मूलिया निवासी ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) जसबीर सिंह बरार का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। रामनगर स्थित घाट पर सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। 71 वर्षीय बरार अपने पीछे पत्नी सबरीना सिंह, पुत्र विक्रम सिंह बरार एवं पुत्री निम्मी को छोड़ गए हैं। विश्राम घाट पर …
रामनगर, अमृत विचार। निकटवर्ती ग्राम देवीपुर मूलिया निवासी ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) जसबीर सिंह बरार का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। रामनगर स्थित घाट पर सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। 71 वर्षीय बरार अपने पीछे पत्नी सबरीना सिंह, पुत्र विक्रम सिंह बरार एवं पुत्री निम्मी को छोड़ गए हैं।
विश्राम घाट पर रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट के प्रतिनिधि रूपेश बाटला, पुनीत बाटला, मेजर मुकेश यादव, सैंट्रल कमांडेंट कुमाऊं रेजीमेंट रानीखेत ब्रिगेडियर आईएस साम्याल, सूबेदार हरीश चंद्र, नायब सूबेदार गंगा सिंह एवं कुमाऊं रेजीमेंट के 20 जवानों, उत्तराखंड पूर्व सैनिक लीग रामनगर, हेमपुर अध्यक्ष एवं जिला सैनिक परिषद सदस्य सूबेदार मेजर नवीन चंद्र पोखरियाल, पूर्व सैनिक कल्याण एवं उत्थान समिति रामनगर अध्यक्ष सूबेदार मेजर कुलवंत सिंह रावत, चंद्रमोहन सिंह मनराल सहित कई अन्य पूर्व सैनिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर ब्रिगेडियर जसबीर सिंह बरार को अंतिम सलामी दी।
1971 के युद्ध मे मार गिराए थे पाक सैनिक
वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में उन्होंने दुश्मन का दिलेरी से मुकाबला कर पाकिस्तान के चार सैनिकों को मार गिराया था। इस भीषण युद्ध में ब्रिगेडियर जसबीर सिंह के पैर में गोली लगी थी। इसके अलावा उन्होंने पाकिस्तान से आए आतंकवादियों का कई बार डटकर मुकाबला किया था और कई आतंकवादियों को ढेर किया था। ब्रिगेडियर बरार की उत्कृष्ट वीरता और अदम्य साहस के लिए उन्हें दो बार सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया था। ब्रिगेडियर बरार वर्ष 2004 में सेवानिवृत्त हुए थे लेकिन उसके बाद भी वे सेना से जुड़े रहे। कारगिल युद्ध में उन्होंने डिफेंस प्रवक्ता के रूप में उत्कृष्ट कार्य किया था।
