हल्द्वानी: आदमखोर की शिनाख्त को आईवीआरआई और एनटीसीए से आएंगे एक्सपर्ट
हल्द्वानी, अमृत विचार। पनियाली, दमुवाढूंगा और भद्यूनी तक आतंक का पर्याय बन चुके ‘आदमखोर’ की शिनाख्त के लिए आईवीआरआई बरेली और एनटीसीए दिल्ली से एक्सपर्ट आएंगे। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रामनगर वन डिवीजन की फतेहपुर रेंज के अंतर्गत बाघ/बाघिन ने पनियाली, दमुवाढूंगा, काठगोदाम और भद्यूनी के जंगलों में आतंक मचाया हुआ है। यह …
हल्द्वानी, अमृत विचार। पनियाली, दमुवाढूंगा और भद्यूनी तक आतंक का पर्याय बन चुके ‘आदमखोर’ की शिनाख्त के लिए आईवीआरआई बरेली और एनटीसीए दिल्ली से एक्सपर्ट आएंगे।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रामनगर वन डिवीजन की फतेहपुर रेंज के अंतर्गत बाघ/बाघिन ने पनियाली, दमुवाढूंगा, काठगोदाम और भद्यूनी के जंगलों में आतंक मचाया हुआ है। यह बाघ/बाघिन पांच-छह लोगों को शिकार बना चुका है। इस बाघ को पकड़ने के लिए गुजरात के जामनगर से 30 सदस्यीय टीम भी जुटी है। वहीं, 80 ट्रैपिंग कैमरा और 110 वन कर्मी दिन-रात ड्यूटी में लगे हुए हैं। अब इस रेंज में तीन-चार बाघ या बाघिन रिपोर्ट हुए हैं।
ऐसे में एक माह की लाख कोशिशों के बाद भी वन विभाग आदमखोर बाघ या बाघिन को चिह्नित नहीं कर सका है। इधर, अब आदमखोर की शिनाख्त के लिए वन विभाग ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) दिल्ली से एक्सपर्ट बुलाने जा रहा है।
ये एक्सपर्ट फतेहपुर के जंगलों में आदमखोर बाघ/बाघिन को चिह्नित करने में वन विभाग की मदद करेगा। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने एनटीसीए और आईवीआरआई को पत्र लिख कर एक्सपर्ट की मांग की है। इसके अलावा जामनगर से आए पशु चिकित्सकों व वन्यजीव विशेषज्ञों से भी मचान के लिए रिएलाइनमेंट करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बाघ या बाघिन को पकड़ा जा सके। वहीं, फतेहपुर के जंगलों में वन टीमों ने सोमवार को गश्त की लेकिन बाघ पकड़ में नहीं आ सका।
100 अतिरिक्त वन कर्मी किए जाएंगे तैनात
फतेहपुर रेंज में आसपास की वन डिवीजनों हल्द्वानी, तराई केंद्रीय, तराई पूर्वी, नैनीताल डिवीजन से 100 वन कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। ये वन कर्मी फतेहपुर के जंगलों में जनता को जाने से रोकने के साथ ही बाघ पकड़ने में रेंज कर्मचारियों और जामनगर के एक्सपर्ट की मदद करेंगे।
पुलिस से भी मांगी मदद
वन विभाग ने कुमाऊं डीआईजी नीलेश आनंद भरणे से रिजर्व बटालियन से पुलिस फोर्स मांगी है। वन अधिकारियों का मानना है कि पुलिस फोर्स के तैनात होने से जनता सीधे जंगलों में जाने से कतराएगी। वहीं फोर्स किसी भी आपात स्थिति से निबटने को तैयार रहेगी।
फतेहपुर रेंज में आदमखोर बाघ को चिन्हित करने के लिए आईवीआरआई और एनटीसीए से एक्सपर्ट बुलाए जा रहे हैं। पुलिस महकमे से भी रिजर्व बटालियन से फोर्स देने की मांग की है। मचान के लिए रिएलाइनमेंट करने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. पराग मधुकर धकाते, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखंड
