उत्तराखंड: गर्मी का कहर बरकरार, मैदान में तेज होगी लू, चार पहाड़ी जिलों में रेड अलर्ट
हल्द्वानी,अमृत विचार। मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में दिन के समय चलने वाली गर्म हवाएं और भी तेज चलेंगी। साथ ही चार पहाड़ी जिलों में गर्मी की वजह से वनाग्नि की घटनाएं बढ़ सकतीं हैं। ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ पिघलने की दर तेज होगी। राज्य में …
हल्द्वानी,अमृत विचार। मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में दिन के समय चलने वाली गर्म हवाएं और भी तेज चलेंगी। साथ ही चार पहाड़ी जिलों में गर्मी की वजह से वनाग्नि की घटनाएं बढ़ सकतीं हैं। ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ पिघलने की दर तेज होगी।
राज्य में मौसम बेरहम होता जा रहा है। मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। इससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि दिन के समय चलने वाली हवाएं और भी तेज चलेंगी। हल्द्वानी में एक मई के बाद हालात और भी खराब हो सकते हैं। हाल फिलहाल बारिश होने की कोई संभावना नहीं है। इस वजह से राहत मिलने के भी कोई आसार नहीं है। पिछले दिनों रात के समय लोगों को तापमान में राहत मिल रही थी लेकिन अब रात के समय भी तापमान में बढ़ोत्तरी होगी।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक के मुताबिक 26 से 29 अप्रैल तक राज्य में मौसम शुष्क रहेगा। अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। मैदानी क्षेत्रों में 39 से 41 डिग्री, पहाड़ पर अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर जिलों में चार हजार मीटर से ऊंचे क्षेत्रों में बर्फ पिघलने की दर और बढ़ने से हिमस्खलन की आशंका है। उन्होंने बताया कि 28 अप्रैल को ताजा पश्चिमी विक्षोभ गर्मी से राहत भी दे सकता है। इस दौरान उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में हल्की बारिश हो सकती है।
12 साल बाद पड़ रही है इतनी गर्मी
मौसम विभाग की मानें तो इस बार 12 साल के बाद गर्मी अपना प्रचंड रूप दिखा रहा है। इस बार 15 मार्च के बाद से ही तापमान बढ़ने लगा था। इसका कारण बारिश नहीं होना बताया जा रहा है। 15 फरवरी के बाद से नैनीताल जिले के मैदानी इलाकों में बारिश नहीं हुई है। इस वजह से गर्मी बढ़ती जा रही है। पिछले 12 साल में ये साल ऐसा है जब अप्रैल में अधिकतम तापमान 40 डिग्री को छू पाया है।
तापमान में दो से तीन डिग्री का और भी उछाल आ सकता है। पहाड़ी जिलों में वनाग्नि की घटनाएं और भी बढ़ सकतीं हैं। – विक्रम सिंह, निदेशक, राज्य मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून
