हल्द्वानी: एमबीपीजी कॉलेज से अब टूरिज्म कोर्स में डिप्लोमा भी
हल्द्वानी, अमृत विचार। पर्यटन क्षेत्र में रोजगार पाना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने एमबीपीजी कॉलेज को डिप्लोमा इन टूरिज्म की मान्यता दे दी है। पहली बार इसी साल से इस पर कक्षा भी शुरू कर दी गई है। एक सत्र में 50 विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। नैनीताल जिले …
हल्द्वानी, अमृत विचार। पर्यटन क्षेत्र में रोजगार पाना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। कुमाऊं विश्वविद्यालय ने एमबीपीजी कॉलेज को डिप्लोमा इन टूरिज्म की मान्यता दे दी है। पहली बार इसी साल से इस पर कक्षा भी शुरू कर दी गई है। एक सत्र में 50 विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं।
नैनीताल जिले में पयर्टकों की आवाजाही से तो सभी परिचित हैं। देश के कोने-कोने से ही नहीं, विदेशी लोग भी खूब नैनीताल की वादियों को देखना पसंद करते हैं। गर्मी के मौसम में भी काफी संख्या में पर्यटक नैनीताल घूमने आते हैं तो वहीं सर्दी के मौसम में बर्फबारी देखने के शौकीनों का भी तांता लगा रहता है। यह नजारा युवाओं में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार की ओर प्रेरित करता है।
प्रोफेसर डॉ. ममता मिश्रा ने बताया कि इसी को ध्यान में रखते हुए कॉलेज प्रशासन की ओर से डिप्लोमा इन टूरिज्म की मान्यता के लिए विवि को प्रस्ताव भेजा गया था। इस साल मंजूरी मिलने के बाद ऑनलाइन प्रशिक्षुओं के आवेदन भी लिए गए। उन्होंने बताया कि ज्योग्राफी डिपार्टमेंट के अंतर्गत इस डिप्लोमा के लिए नौ के आवेदन आए थे, जो कि क्लास अटेंड कर रहे हैं। पंद्रह हजार फीस के साथ एक साल का डिप्लोमा है, जिसमें दो सेमेस्टर होंगे। एक सेमेटस्टर में चार पेपर होंगे। दूसरे सेमेस्टम में चौथे पेपर के रूप में एक माह की अप्रेंटिस होगी।
पर्वतीय क्षेत्र होने की वजह से उत्तराखंड में पर्यटन के क्षेत्र में काफी स्कोप है। विद्यार्थी इस क्षेत्र में रोजगार भी पा सकते हैं। इसलिए डिप्लोमा इन टूरिज्म के लिए विद्यार्थियों रुझान देखा जा सकेगा। अभी कोरोना काल का असर रहा है, आगे सीटें भी बढ़ सकती हैं।
-डॉ. सीएस नेगी, यूजीसी व नैक इंचार्ज, एमबीपीजी
