श्रीलंका के पूर्व सेना प्रमुख फोंसेका ने पुलिस से किया आग्रह, प्रदर्शनकारियों को न करें प्रताड़ित
कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सरथ फोंसेका ने पुलिस और सुरक्षा बलों से देश के सबसे खराब आर्थिक संकट पर सरकार और राष्ट्रपति गोतबया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को प्रताड़ित या उन पर हमला नहीं करने का आग्रह किया है। स्थानीय अखबार ‘द आइलैंड’ ने गुरुवार को गमपाहा …
कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सरथ फोंसेका ने पुलिस और सुरक्षा बलों से देश के सबसे खराब आर्थिक संकट पर सरकार और राष्ट्रपति गोतबया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को प्रताड़ित या उन पर हमला नहीं करने का आग्रह किया है। स्थानीय अखबार ‘द आइलैंड’ ने गुरुवार को गमपाहा जिले के सांसद श्री फोंसेका के हवाले से सुरक्षा बलों से अपील की कि सुरक्षा कर्मियों को प्रदर्शनकारियों पर हमला करने से मना कर देना चाहिए, भले ही सरकार ने उन्हें आदेश दिया हो।
उन्होंने कहा, “मैं पुलिस और सुरक्षा बलों से इस तथ्य को नहीं भूलने का आह्वान करता हूं कि लोग सड़कों पर उतर आए हैं, क्योंकि वे इस सरकार के तहत उन पर पड़ रहा दबाव झेलने में सक्षम नहीं हैं। मैं सुरक्षा बल के सदस्यों से अपने कर्तव्यों का निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके से निर्वहन करने का भी आह्वान करता हूं।” बयान में कहा गया है, “प्रदर्शनकारियों को केवल इसलिए परेशान न करें क्योंकि आपके वरिष्ठों ने आपको ऐसा करने के लिए कहा है।
सरकार सैकड़ों हजारों की संख्या में सुरक्षा बल के सभी सदस्यों और लगभग 60,000 पुलिस अधिकारियों को उसके आदेशों का पालन नहीं करने के लिए बर्खास्त नहीं कर सकती है।” उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसी को बर्खास्त भी कर देती है, तो इस संघर्ष की जीत के तीन महीने के भीतर नौकरी गंवाने वालों को बहाल कर दिया जायेगा। गौरतलब है कि फोंसेका के नेतृत्व में श्रीलंकाई सेना ने मई 2009 में लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) को कुचल दिया, जिससे लंबे समय से चल रहे अलगाववादी संघर्ष का बड़ा अध्याय समाप्त हो गया। इसके बाद वह लोक नायक बन गये थे, लेकिन बाद में राजपक्षे और फोंसेका के बीच रिश्ते खराब हो गये और वे राजनीतिक शत्रु बन गये।
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