रुद्रपुर: पिता-पुत्रों सहित पांच को आजीवन कारावास

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रुद्रपुर, अमृत विचार। थाना ट्रांजिट कैंप के संजयनगर खेड़ा में मंदिर की आय को लेकर हुए विवाद में हत्या करने वाले पिता-पुत्रों सहित पांच लोगों को जिला जज प्रेम सिंह खिमाल की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांचों पर 25-25 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित भी किया है। …

रुद्रपुर, अमृत विचार। थाना ट्रांजिट कैंप के संजयनगर खेड़ा में मंदिर की आय को लेकर हुए विवाद में हत्या करने वाले पिता-पुत्रों सहित पांच लोगों को जिला जज प्रेम सिंह खिमाल की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांचों पर 25-25 हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित भी किया है।

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी एनएस धामी ने बताया कि संजय नगर, वार्ड नंबर एक निवासी राजू ने दर्ज रिपोर्ट में कहा था कि दुर्गा मंदिर की प्रबंध कमेटी के पूर्व अध्यक्ष संजय नगर निवासी सुभाष विश्वास ने मंदिर की आय व संपत्ति में काफी घपलेबाजी कर धन हड़प कर लिया था। उसके चाचा नीरज कुमार इसके खिलाफ आवाज उठाकर सामाजिक लोगों के माध्यम से मंदिर की संपत्ति का हिसाब देने की मांग कर रहे थे। इसके चलते सुभाष विश्वास व उनके परिजन उसके चाचा नीरज कुमार से रंजिश रखते थे।

चार जनवरी 2019 को सुभाष विश्वास और उसके बेटे संजू, सूरज व अविनाश और उसके साथी रणजीत सरकार ने उसके चाचा को घेर लिया और इस दौरान संजू ने तमंचा निकालकर उसके चाचा नीरज कुमार के सिर पर सटाकर गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। बाद में आरोपित फरार हो गए थे। मामले में पुलिस ने पांचों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया था। साथ ही संजू, अविनाश और सूरज को गिरफ्तार कर लिया था।

संजू से हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया था। इसके बाद एक फरवरी को पुलिस ने फरार सुभाष विश्वास को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद 13 फरवरी को रणजीत सरकार ने सरेंडर कर दिया था। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी एनएस धामी ने बताया कि पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।

मामले की सुनवाई जिला जज प्रेम सिंह खिमाल की अदालत में हुई। जिसमें 14 गवाह पेश कर पांचों आरोपितों पर हत्या का दोष सिद्ध कर दिया था। शुक्रवार को जिला जज प्रेम सिंह खिमाल की अदालत ने हत्या करने वाले पिता-पुत्रों सहित पांच लोगों को धारा 302 सपठित 149 आइपीसी के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई और पांचों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

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