हल्द्वानी: सोलर टेक्नीशियन और ड्रोन ट्रेड देगा रोजगार की उड़ान, आईटीआई प्रशासन ने भेजा प्रस्ताव

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मनीष तिवारी, हल्द्वानी। तकनीकि रोजगार में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए खुशखबरी है। वे सोलर और ड्रोन टेक्नीशियन क्षेत्र में रोजगार को पंख लगा सकते हैं। हल्द्वानी आईटीआई प्रशासन की ओर से इन दोनों ही ट्रेड को लाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। इनके लिए अनुदेशकों की डिमांड भी की गई है। …

मनीष तिवारी, हल्द्वानी। तकनीकि रोजगार में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए खुशखबरी है। वे सोलर और ड्रोन टेक्नीशियन क्षेत्र में रोजगार को पंख लगा सकते हैं। हल्द्वानी आईटीआई प्रशासन की ओर से इन दोनों ही ट्रेड को लाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। इनके लिए अनुदेशकों की डिमांड भी की गई है। ड्रोन के बढ़ते क्रेज और बिजली संकट के चलते सोलर उत्पादों की बढ़ती मांग को देखा जाए तो इन परिस्थितियों में ये ट्रेड भविष्य में युवाओं के लिए रोजगार का बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।

आईटीआई हल्द्वानी में वर्तमान में 13 ट्रेड हैं। इनमें वेंडर, प्लंबर, फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोटर मैकेनिक, कढ़ाई-सिलाई आदि शामिल हैं। करीब साढ़े छह सौ विद्यार्थी इन ट्रेड के माध्यम से तकनीकि ज्ञान प्राप्त करते हैं। इनके लिए कॉलेज में 33 अनुदेशक हैं। कॉलेज में भवन निर्माण का कार्य चल रहा है, जिससे निकट भविष्य में जगह की कमी की समस्या का हल हो जाएगा। इसको ध्यान में रखते हुए आईटीआई प्रशासन जरूरी और भविष्य को देखते हुए नए ट्रेड लाने के प्रयास में लग गया है। आईटीआई की ओर से शासन को कॉलेज में ड्रोन और सोलर टेक्नीशियन ट्रेड के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें सोलर टेक्नीशियन ट्रेड के लिए दो अनुदेशक की मांग भी की गई है। इसमें संबंधित मशीनों के लिए करीब 20 लाख रुपये का खर्च भी आएगा। वहीं, ड्रोन ट्रेड को इलेक्ट्रॉनिक्स से भी जोड़ा जा सकता है, जिससे इसमें खर्च नहीं रहेगा।

15 करोड़ से बदल जाएगा आईटीआई का स्वरूप
आईटीआई का स्वरूप जल्द ही बदल जाएगा। इसमें संबंधित निर्माण कार्य में 15 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। कॉलेज फोरमैन जीएस वर्मा ने बताया कि वर्ल्ड बैंक द्वारा यह कार्य किया जा रहा है। इसमें वर्कशॉप, हॉस्टल, चाहरदीवारी, बिजली के खंभे, लाइटें, ऑडिटोरियम, पार्किंग, हॉस्टल, मशीनरी, प्रसाधन आदि कई कार्य किए जाने हैं। इसी वर्ष ये कार्य पूरे किए जाने हैं।

ड्रोन और सोलर से संबंधित वस्तुओं की मांग बढ़ रही है। मांग बढ़ेगी की तो बाजार में ये वस्तुए ज्यादा पहुंचेंगी। जाहिर है इससे जुड़ी निर्माण फैक्ट्रियां धरातल पर आएंगी तो तकनीकि जानकारों के लिए रोजगार के स्रोत बढ़ेंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए इन दोनों ट्रेड को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है। – आरएस मर्तोलिया, उप निदेशक, आईटीआई निदेशालय

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