पीलीभीत: हत्या को खुदकुशी दर्शाकर कार्रवाई दबाना पुलिस के लिए नई बात नहीं

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पीलीभीत, अमृत विचार। सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या की वारदात तीन दिन बीतने के बाद भी अनसुलझी है। पुलिस हत्या की इस घटना के खुदकुशी का मोड़ देते हुए कार्रवाई दबाती दिखाई दे रही है। पूर्व की अन्य तमाम घटनाओं की तरह इस मामले को भी हत्या और खुदकुशी के बीच उलझाकर दबाने की …

पीलीभीत, अमृत विचार। सर्राफा व्यापारी की गोली मारकर हत्या की वारदात तीन दिन बीतने के बाद भी अनसुलझी है। पुलिस हत्या की इस घटना के खुदकुशी का मोड़ देते हुए कार्रवाई दबाती दिखाई दे रही है। पूर्व की अन्य तमाम घटनाओं की तरह इस मामले को भी हत्या और खुदकुशी के बीच उलझाकर दबाने की तैयारी कर ली गई है।

फिलहाल अफसर सुरागरसी कर जल्द खुलासे के दावे करने से पीछे नहीं हट रहे। मगर सवाल यह है कि जब पुलिस खुदकुशी मान ही जांच करने में जुटी है तो हत्या का खुलासा कैसे हो सकेगा?

शहर के मोहल्ला आसफजान निवासी भाजपा नेता अरुण गोयल के छोटे भाई पवन गोयल की गोली मारकर हत्या कर दी गईथी। बृहस्पतिवार रात टनकपुर हाईवे पर कचहरी से एक किमी आगे की तरफ कार में उनकी लाश मिली थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कर छानबीन की जा रही है।

घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस हत्या का खुलासा नहीं कर सकी। इस मामले में खुदकुशी का अंदेशा जताया हुए कार्रवाई की दिशा ही मोड़ दी गई है। मगर, उसका भी अभी तक कोई पुख्ता साक्ष्य पुलिस उजागर नहीं कर सकी है। ऐसे में इसे सनसनीखेज वारदात को दबाने से जोड़कर देखा जा रहा है। बरामद लाइसेंसी असलाह समेत कई साक्ष्य फारेंसिक जांच को भेज दिए गए हैं।

पुलिस द्वारा वर्कआउट करने के बजाए खुदकुशी की ओर इशारा करना सवाल खड़े कर गया है। दरअसल, पुलिस पहले भी हत्या की घटनाओं को खुदकुशी का अंदेशा जताकर दबा चुकी है। बीसलपुर के व्यापारी की हत्या का मामला भी कई महीनों से दबा हुआ है। उसकी हत्या को पुलिस ने चाइनीज मांझे की चपेट में आकर हादसा बताया था।

हालांकि न तो पुलिस ने चाइनीज मांझा बरामद किया था, न ही कोई अन्य तथ्य। तीन साल पहले गोली लगी हालत में इसी तरह से एक फार्मर का शव मिला था। घटना माधोटांडा इलाके की थी। उसमें भी पुलिस कई दिनों की छानबीन के बाद फेल हुई तो खुदकुशी का अंदेशा जताकर कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई थी।

अब सवाल यह है कि अगर मामला खुदकुशी का है भी तो उसे पीछे वजह क्या रहीं? मृतक के भाई की मानें तो उससे फोन पर यह कहा था कि 15 मिनट में घर आ रहा हूं। फिर ऐसा क्या हुआ? इन तमाम सवालों का जवाब अभी तक पुलिस के पास नहीं है।

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