बरेली: दो साहित्यकारों को प्रतीक चिह्न देकर किया सम्मानित

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अमृत विचार, बरेली। मुकुट बिहारी लाल साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में पीयूष गोयल बेदिल के आवास गंगापुर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें बरेली की कवयित्री सत्यवती सिंह सत्या और कवि रणधीर प्रसाद गौड़ धीर का सारस्वत अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ कवि हिमांशु श्रोत्रिय ने सरस्वती वंदना गाकर किया। संस्था सचिव …

अमृत विचार, बरेली। मुकुट बिहारी लाल साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में पीयूष गोयल बेदिल के आवास गंगापुर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें बरेली की कवयित्री सत्यवती सिंह सत्या और कवि रणधीर प्रसाद गौड़ धीर का सारस्वत अभिनंदन भी किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ कवि हिमांशु श्रोत्रिय ने सरस्वती वंदना गाकर किया।

संस्था सचिव पीयूष गोयल बेदिल ने शायर स्व. मुकुट बिहारी लाल बेदिल की कई शायरी कर उनको याद किया। उन्होंने गजल सुनाते हुए कहा कि सुकूं का नाम है लब पर मगर करार नहीं, बहार तो आ गई पर लज्जते बहार नहीं … सुनाकर लोगों की वाहवाही लूटी। कार्यक्रम में विनय सागर जायसवाल, इंद्रदेव त्रिवेदी ,रणधीर प्रसाद गौड़ धीर, सत्यवती सिंह सत्या, मिलन कुमार मिलन, हिमांशु श्रोत्रिय निष्पक्ष, ब्रिजेंद्र अकिंचन, राम प्रकाश सिंह ओज, उपेंद्र कुमार सक्सेना, मनोज टिंकू, गजल राज आदि ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का भरपूर आनंद दिलाया ।

कार्यक्रम का संचालन कवि गजलराज ने किया। इस मौके पर भगवत स्वरूप गोयल, अनुराग वाजपेयी, प्रदीप गोयल, रवि मनोज गोयल, प्रीति गोयल, निशा गोयल, एकता अग्रवाल, श्लोक गोयल, अक्षत अग्रवाल, अनंत अग्रवाल, अक्षत अग्रवाल, सुदीप गोयल और मयंक गोयल आदि मौजूद रहे।

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