रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले 6 जून से, ये टीमें होंगी आमने-सामने

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Edited By Amrit Vichar
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बेंगलुरु। आईपीएल के बाद रणजी ट्रॉफी फिर से लौट रहा है। आठ टीमों का यह नॉकआउट राउंड 6 जून से बेंगलुरु में खेला जाएगा, जिसमें चार क्वॉर्टर फाइनल, दो सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले होंगे। लीग राउंड के प्रदर्शन के बाद बंगाल, कर्नाटक, मुंबई, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और झारखंड की टीमें नॉकआउट राउंड …

बेंगलुरु। आईपीएल के बाद रणजी ट्रॉफी फिर से लौट रहा है। आठ टीमों का यह नॉकआउट राउंड 6 जून से बेंगलुरु में खेला जाएगा, जिसमें चार क्वॉर्टर फाइनल, दो सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले होंगे। लीग राउंड के प्रदर्शन के बाद बंगाल, कर्नाटक, मुंबई, मध्य प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और झारखंड की टीमें नॉकआउट राउंड में पहुंची हैं।

अब तक के इनके प्रदर्शन पर एक नजर

बंगाल : बंगाल ने लीग राउंड में अपने तीनों मैच जीते थे। क्वार्टर फाइनल में बंगाल का सामना पड़ोसी झारखंड से होगा। बंगाल की टीम पिछले एक सप्ताह से बेंगलुरु में है और उन्होंने कर्नाटक एकादश के ख़िलाफ़ दो अभ्यास मैच भी खेले हैं ताकि परिस्थितियों के साथ बेहतर तालमेल बिठा सके। टीम के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन हैं, जो पिछले दो साल से भारतीय टेस्ट टीम के इर्द-गिर्द हैं। इसके अलावा टीम में ऑलराउंडर शहबाज़ अहमद भी हैं, जिन्होंने पिछले दो साल से घरेलू क्रिकेट के अलावा आईपीएल में भी अपने प्रदर्शन का लोहा मनवाया है। टीम में ईशान पोरेल, मुकेश कुमार और आकाश दीप के रूप में तीन अच्छे तेज़ गेंदबाज़ मौजूद हैं। ऋद्धिमान साहा टीम में नहीं हैं, जिसकी वज़ह से युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ अभिषेक पोरेल के लिए रास्ता खुला है, जो इस साल अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थे।

कर्नाटक: विनय कुमार और अभिमन्यु मिथुन के संन्यास लेने के बाद कर्नाटक की तेज़ गेंदबाज़ी कमज़ोर हुई है। इसके अलावा राष्ट्रीय टीम में चयन होने के कारण प्रसिद्ध कृष्णा भी टीम के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। टीम में रोनित मोरे सबसे अनुभवी गेंदबाज़ हैं, जिनके नाम 31 प्रथम श्रेणी मैचों में 97 विकेट हैं। टीम में मयंक अग्रवाल की वापसी हुई है, जो दो साल बाद भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं। इसके अलावा टीम में देवदत्त पडिकल,, करूण नायर और मनीष पांडेय जैसे बल्लेबाज़ हैं, जो इस टीम की बल्लेबाज़ी क्रम को मज़बूत बनाते हैं।

मुंबई: मुंबई का नॉकआउट में प्रवेश भाग्य भरोसे ही हुआ है। अंतिम मैच में उन्हें जीत के अलावा यह भी दुआ करनी थी कि सौराष्ट्र अपना मैच बोनस अंक के साथ ना जीते। गोवा के ख़िलाफ़ मैच में उनकी पारी 163 रन पर ही सिमट गई थी, लेकिन टीम ने इस मैच में 119 रन की बड़ी जीत हासिल की। बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर शम्स मुलानी ने इस मैच में 11 विकेट लिए थे। इसके बाद उन्होंने ओडिशा के ख़िलाफ़ भी पांच विकेट लिए थे। तीन मैचों में 29 विकेट के साथ मुलानी इस टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ हैं।

मध्य प्रदेश: 2017 और 2019 में विदर्भ को दो रणजी ट्रॉफ़ी जिताने के बाद चंद्रकांत पंडित ने मध्य प्रदेश के लिए भी बेहतरीन काम किया है। मध्य प्रदेश से वेंकटेश अय्यर और आवेश ख़ान ने भारतीय टीम में जगह बनाई है, जबकि रजत पाटीदार और कुमार कार्तिकेय ने आईपीएल में प्रभावित किया है। केरल के ख़िलाफ़ आख़िरी लीग मैच में मध्य प्रदेश के सलामी बल्लेबाज़ यश दुबे ने 289 रन की बेहतरीन पारी खेली थी और रजत पाटीदार (142) के साथ 277 रन जोड़े थे। इसकी वज़ह से मध्य प्रदेश 585 रन का एक विशाल लक्ष्य खड़ा करने में सफल रही थी।

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